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Maharashtra Political Crisis: अजित पवार खेमे को एनसीपी में वापस लाने के लिए बेटी सुप्रिया सुले के साथ शरद पवार सक्रिय, उठाए ये दो अहम कदम

ajit pawar and sharad pawar

मुंबई। महाराष्ट्र में अजित पवार और उनके साथी विधायकों की बगावत के बाद शरद पवार की एनसीपी में हड़कंप जैसी स्थिति है। हर हाल में अजित पवार और उनके साथ गए विधायकों को एनसीपी में वापस लाने की कोशिश जारी है। इसके तहत हर पैंतरे शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले अपना रहे हैं। इन कोशिश के तहत महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को एनसीपी की तरफ से चिट्ठी भेजकर अजित पवार और 8 अन्य विधायकों की सदस्यता दलबदल कानून के तहत रद्द करने की अर्जी दी गई है। ये सभी एकनाथ शिंदे सरकार में मंत्री बनाए गए हैं। वहीं, एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले भी अपने स्तर से अजित पवार और विधायकों को मनाने की कोशिश कर रही हैं।

अजित पवार खेमे ने रविवार को बगावत के दौरान दावा किया था कि एनसीपी के 40 विधायकों का समर्थन उनको हासिल है। हालांकि, देर रात ये पता चला कि 29 विधायक ही अजित पवार के साथ हैं। दलबदल कानून के दायरे में आने से बचने के लिए अजित पवार को कम से कम 35 विधायकों का समर्थन चाहिए। अजित पवार के साथ विधायकों की कम संख्या का पता चलते ही शरद पवार खेमे ने दलबदल कानून के तहत कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष को चिट्ठी भेजी। ऐसे में आज का दिन महत्वपूर्ण है। शरद पवार के खेमे का कहना है कि अजित पवार और अन्य विधायकों ने पार्टी में टूट की कोशिश की। वहीं, अजित पवार और उनके साथ एनसीपी के दूसरे कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का दावा है कि वे ही एनसीपी हैं।

उधर, शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भावनात्मक बातें करती दिखीं। सुप्रिया सुले ने मीडिया को बताया कि वो पहले भी एनसीपी विधायकों से बात करती रही हैं और अब भी कर रही हैं। सुले ने कहा कि सभी से निजी रिश्ते हैं और सियासी बवंडर के बाद भी बगावत करने वाले सभी एनसीपी विधायकों से उनके रिश्ते बने रहेंगे। सुप्रिया ने अजित पवार के बारे में कहा कि वो मेरे बड़े भाई हैं और अब भी हमारा रिश्ता वही बना रहेगा।

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