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Adani Wikipedia ‘नकली अकाउंट्स से अडानी की छवि चमकाने की हुई कोशिश’…विकिपीडिया ने लगाया अड़ानी ग्रुप पर गंभीर आरोप

Adani Wikipedia : अडानी की कुल संपत्ति आधार में एक महीने से भी कम समय में 70 अरब डॉलर की कमी हुई है और वह दुनिया के तीसरे सबसे रईस अरबपति से फिसलकर 25वें स्थान पर आ गए हैं। ऐसा अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसमें उसने समूह पर खातों में हेराफेरी, शेयर की कीमतों को बढ़ाने के अलावा शेल कंपनियां बनाने जैसे आरोप लगाए थे।

नई दिल्ली। अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय अरबपति कारोबारी और दुनिया के अमीरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे गौतम अडानी की नेटवर्थ में अचानक बड़ी गिरावट देखी गई और वह कुछ ही दिनों के भीतर दूसरे नंबर से 21वें नंबर पर आ गए। अब इस रिपोर्ट के बाद संकट से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे अडानी समूह पर अब विकिपीडिया ने हमला बोला है इनसाइक्लोपीडिया विकिपीडिया ने आरोप लगाया है कि करीब एक दशक से अडानी समूह को लेकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बढ़ा-चढ़ाकर लिखा और कहा गया है। विकिपीडिया ने इसके लिए ‘साक पपिट’ का भी उपयोग किया गया।

adani gourp 3आपको बता दें कि तकनीकी जगत में, ‘साक पपिट’ इंटरनेट पर सक्रिय ऐसे फर्जी अकाउंट्स को कहते हैं, जो ब्लॉग, फोरम, विकिपीडिया और फेसबुक या ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति या मुद्दे के पक्ष में जनमत तैयार करते हैं। विकिपीडिया ने आरोप लगाया है कि इन ‘साक पपिट’ में कुछ कंपनी के कर्मचारी भी हैं और इन्होंने गैर-तटस्थ सामग्री जोड़ने और सूचना पर विकिपीडिया की चेतावनियों को रिमूव किया गया है।

गौरतलब है कि रिपोर्ट के मुताबिक, 40 से अधिक ‘साक पपिट’ या अघोषित रूप से पेड राइटर्स ने अडानी परिवार और पारिवारिक व्यवसायों पर 9 लेख लिखे या संशोधित किए। इनमें से कई ने कई लेखों को संपादित किया और गैर-तटस्थ सामग्री को जोड़ा। विकिपीडिया ने कहा कि इन ‘साक पपिट’ को बाद में प्रतिबंधित या ब्लॉक कर दिया गया। ₹3900 से टूटकर ₹876 पर आ गया अडानी का यह शेयर, 21 में ही 1 लाख का निवेश घटकर ₹22,000 रह गया। बता दें कि अडानी की कुल संपत्ति आधार में एक महीने से भी कम समय में 70 अरब डॉलर की कमी हुई है और वह दुनिया के तीसरे सबसे रईस अरबपति से फिसलकर 25वें स्थान पर आ गए हैं। ऐसा अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसमें उसने समूह पर खातों में हेराफेरी, शेयर की कीमतों को बढ़ाने के अलावा शेल कंपनियां बनाने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि, अडानी समूह ने इन आरोपों से इनकार किया है और लीगल एक्शन की वॉर्निंग दी है।