ज्योतिष

ज्योतिष अनुसार ग्रहों की चाल बदलती रहती है। ये एक राशि से निकलकर दूसरी, तीसरी, चौथी, आदि द्वादश राशियों में भ्रमण करते रहते हैं। इन्हीं के अनुसार ये अपना फल प्रदान करते हैं।

न्याय के देवता शनि ग्रह 24 जनवरी 2020 को धनु राशि को छोड़कर अपनी स्वराशि मकर में गोचर कर रहे है। धनु और मकर राशि मे पहले से ही शनि की साढ़ेसाती चल रही है। 24 जनवरी 2020 से कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा।

24 जनवरी 2020 को सायंकाल शनि अपना राशि परिवर्तन कर रहे है। अब शनिदेव धनु से मकर राशि मे प्रवेश कर रहे है। शनि एक राशि मे ढाई साल रहते है और जब विपरीत फल देते है तो लोग त्राहिमाम करने लगते है।

वास्तु का अर्थ है एक ऐसा स्थान जहां भगवान और मनुष्य एक साथ रहते हैं। हमारा शरीर पांच मुख्य पदार्थों से बना है और वास्तु का संबंध इन पांचों ही तत्वों से माना जाता है।

शुक्रवार यानि आज (10 जनवरी 2020) को साल का पहला ग्रहण होगा। इस ग्रहण को यूरोप,एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा।ग्रहण काल की शुरुआत 10 जनवरी की रात 10 बजकर 37 मिनट से हो जायेगी और इसका मोक्ष या अंत 02:42( सुबह) पर 11 जनवरी को होगा।

"वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में सिर करके सोने से नींद अच्छी आती है"। निद्रा हर प्राणी और वनस्पति के लिए अत्यंत आवश्यक है।

पंडित दयानन्द शास्त्री का मानना है कि शीत ऋतु में चतुर्थ व पंचग्रही युति का प्रभाव मौसम में स्पष्टरूप से देखने को मिलेगा। जनवरी 2020 से मौसम में विचित्र परिवर्तन दिखाई देगा। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में मघावट जैसी बारिश व ओला वृष्टि होगी।

इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी (शुक्रवार) को लगेगा। जिसका प्रभाव रात 10 बजकर 37 मिनट से 11 जनवरी को देर रात 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। चंद्र ग्रहण के दौरान, चंद्रमा का लगभग 90 फीसदी भाग पृथ्वी द्वारा आंशिक रूप से ढक लिया जाएगा।

आज (शुक्रवार - 28 दिसंबर 2019) से शनि का राशि परिवर्तन ज्योतिष अनुसार एक बड़ी घटना मानी जा रही है क्योंकि इसका प्रभाव सभी लोगों पर कुछ न कुछ जरूर होने वाला है। कर्म फल दाता शनि जब अपनी राशि बदलते हैं तो किसी पर शनि साढ़े साती तो किसी पर ढैय्या शुरू हो जाती है।