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वैसे तो चीन का भारत के साथ सीमा-विवाद कोई नई और अनोखी बात नहीं है। डोकलाम प्रकरण भी पुरानी बात नहीं है। मगर पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा अपने सीमाई क्षेत्रों में सड़क, पुल, मोबाइल टॉवर और हवाई पट्टी आदि के निर्माण में विशेष तेजी दिखाई गई है।

प्रकृति आलस्य नहीं करती। प्रकृति की शक्तियां निरंतर सक्रिय रहती है। सूर्य आलस्य नहीं करते। पृथ्वी प्रतिपल नृत्यमगन है और चंद्र भी। सोम और चन्द्र पर्याय भी माने जाते हैं। चन्द्रमा विराट पुरूष का मन कहा गया है। मन कभी आलस्य नहीं करता। मन सतत् सक्रिय रहता है। ऋग्वेद अथर्ववेद में सोमलता का उल्लेख है।

ये स्वदेशी का विचार कोई बंदवाद भी नहीं है बल्कि ये आत्मनिर्भरता व स्वलंबन के विचार को आत्मसात करके दुनिया से सम्पर्क बनाने का विचार है।

कलकत्ता के सुप्रसिद्ध परिवार में जन्मे श्यामा प्रसाद जी का व्यक्तिगत जीवन शिक्षा, राजनीति और लोकसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलताओं से जड़ा हुआ था, परन्तु भारत के स्वतंत्र हो जाने के पश्चात भी एक देश में ‘दो निशान, दो विधान, दो प्रधान’ के नियम की उपस्थिति उन्हें चुभती थी।

आपातकाल आजादी के बाद की सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में से एक है। 25 जून, 1975 की रात को देशवासियों पर अचानक और अकारण आपातकाल थोप दिया गया।

बी एल एम अर्थात ‘ब्लैक लाइव मैटर’  अमेरिका में जॉर्ज फ़्लोयड की मृत्यु के पश्चात, सारे विश्व में प्रचलित हुआ नाम। आज से एक महीना पहले 25 मई को अमेरिका के मिनेसोटा प्रांत के मिनियापोलिस शहर में एक अश्वेत नागरिक, जॉर्ज फ़्लोयड की श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चौविन द्वारा गर्दन दबाने से मौत हुई।

जम्मू-कश्मीर को लेकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की नीति स्पष्ट थी। वह किसी भी हालत में जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने के पक्ष में नहीं थे और इसके लिये उन्होंने “संसद से लेकर सड़क” तक कई आन्दोलन किये।

विज्ञान सत्य जानने का अनुशासन है। सत्य को जानना विज्ञान है। विज्ञान ने भौतिक विश्व के अनेक रहस्यों का अनावरण किया है। लेकिन जगत के सभी गोचर प्रपंचो में कार्यकारण श्रंखला की खोज अभी शेष है। शिखर ब्रह्माण्ड विज्ञानी स्टीफेंस हाकिंग ने ''द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग'' में सभी कार्यो के कारण जानने का कार्य भविष्य की वैज्ञानिक पीढ़ी पर छोड़ा है। सत्य का ज्ञान उपयोगी है।

ये भी जानना ज़रूरी है की ये दंगे किन इलाक़ों में हुए। ये सभी इलाक़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं जिसकी पुष्टि 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट से होती है जो ये बताती है की उत्तर पूर्वी दिल्ली के इन इलाक़ों में क़रीब 30 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है।