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Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय की पहली कटऑफ में हुए दाखिलों के आंकड़े देते हुए इस आरोप का खंडन किया है। इस चैनल ने बताया है कि पहली कटऑफ के बाद कुल 31172 दाखिले हुए हैं। इनमें से केरल बोर्ड के 2365, हरियाणा बोर्ड के 1540 और राजस्थान बोर्ड के 1301 दाखिले हुए हैं।

Subrahmanya Swamy: अगले साल अप्रैल में सुब्रमण्यम स्वामी का राज्यसभा का टर्म पूरा हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी उन्हें अगला टर्म देने को तैयार नही है। सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी इस बात का अंदाज़ा है। यही वजह है कि उन्होंने दबाव बढ़ाने की खातिर अनाप शनाप बयान देने और शीर्ष नेतृत्व को नुकसान पहु्ंचाने की पुरानी राह पर फिर से चलना शुरू कर दिया।

तंबाकू सेवन की चपेट में बच्चे अब पहले से कहीं अधिक हैं। छह साल तक के बच्चे भी सिगरेट, बीड़ी जैसे तंबाकू उत्पादों का सेवन करने लगे हैं। हमें बच्चों में तंबाकू इस्तेमाल को रोकने के लिए कॉटपा (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के प्रावधानों को मजबूत बनाना होगा। 

भारत में पूर्वजों पितरों के प्रति श्रद्धाभाव रहा है। वैदिक आस्था के अनुसार पितृयज्ञ में पितर पुत्रों के प्रेम में आते हैं। ऐसे यज्ञों का विशेष विधि विधान है। यह विधान अथर्ववेद के रचनाकाल से बहुत प्राचीन है।

Punjab Congress crisis: इससे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस की बागडोर मजबूत हाथों में नहीं है, क्या पार्टी में राहुल और प्रियंका का बढ़ता कद प्रगति की बजाये घातक साबित हो रहा है और क्या गांधी बंधु कांग्रेस पार्टी को नेतृत्व देने में अक्षम हैं? क्योंकि पिछले कुछ चुनावों से यही आलम दिख रहा है। राहुल और प्रियंका के नेतृत्व में लगातार पार्टी का आधार और दिशा दोनों ही कमज़ोर होती दिख रही है।

इतिहास और वर्तमान का सम्बंध अविच्छिन्न है। इतिहास में मनुष्य के कर्म अनुभव होते हैं। भूलें चूकें और जय पराजय होती हैं। मनुष्य उनसे सीखता है। इतिहास मनुष्य जीवन की प्रयोगशाला है।

Assam: असम सरकार का यह अभियान कोई आज का नहीं है। अवैध जमीन पर कब्जा हटाने को लेकर नई सरकार बनने के बाद यानी जून से ही अभियान छेड़े हुए है। 20 सितंबर को इसी के तहत दरांग जिले के सिपाझार में प्रशासन ने लगभग 4,500 बीघा जमीन से कब्जा कराया।

Maha Vikas Aghadi govt: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे क्या मुंबई और महाराष्ट्र में वीजा/पासपोर्ट और परमिट की व्यवस्था शुरू करना चाहते हैं? क्या वे भौगोलिक आधार पर चरित्र प्रमाण-पत्र जारी करते हुए क्षेत्र विशेष के लोगों को अपराधी घोषित करना चाहते हैं? क्या वे देश के अन्य राज्यों और शहरों में महाराष्ट्रवासियों के लिए इसी प्रकार की व्यवस्था और व्यवहार चाहते हैं?

लेकिन अंग्रेजी के सामने कमजोर मानी जाती है। अंग्रेजी को विश्वभाषा बताया जाता है। लेकिन जापान, रूस और चीन आदि अनेक देशों में अंग्रेजी की कोई हैसियत नहीं है। भारत की संविधानसभा (14 सितम्बर 1949) ने हिन्दी को राजभाषा बनाया, 15 वर्ष तक अंग्रेजी में राजकाज चलाने का ‘परंतुक’ जोड़ा।