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पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार सबको खासकर अपनी ही पार्टी के लोगों को चौंका दिया है, जिसका कारण है लोकसभा स्पीकर का पद। दरअसल मोदी सरकार 2.0 में लोकसभा का स्पीकर ओम बिड़ला को बनाया गया है, जो राजस्थान के कोटा से बीजेपी सांसद हैं। चूंकि ओम बिड़ला का नाम इससे पहले राष्ट्रीय राजनीति में कभी नहीं सुना गया।

कारीगरों व श्रमिकों के सामजिक सम्मान व यश प्रतिष्ठा के मंत्र सूक्त बड़े प्यारे हैं। आधुनिक काल में सामाजिक न्याय की चर्चा होती है। संप्रति शिक्षित विद्वानों का आदर प्रथम है लेकिन वैदिक समाज के कारीगर ऋषियों से भी ज्यादा सम्मानित है।

कठुआ गैंगरेप में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। 18 महीने पुराने इस मामले में कोर्ट ने 6 दरिंदों को दोषी माना। जिसमें 3 को उम्रकैद की सजा सुनाई और 3 को पांच साल की। उम्रकैद पाने वालों में इस खौफनाक साजिश का मास्टर माइंड संजी राम भी शामिल है।

वैदिक कवियों की भाव प्रकट करने की अपनी काव्यशैली है। वे गाय के प्रति आदरभाव से युक्त हैं। गाय संरक्षण योग्य है। ऋग्वेद में वह अबध्य बताई गई है। अथर्ववेद  में कहते हैं “जो गाय के कान को पीड़ा देते हैं वे देवों पर प्रहार करते हैं।” कुछ लोग अपनी गाय की पहचान के लिए परिचय चिन्ह बनाते रहे होंगे।

ऋग्वेद में अग्नि और आकाश के भी आत्मीय सम्बंध हैं। मनुष्य और अग्नि के मध्य भी आत्मीयता है। मनुष्य और पक्षियों के मध्य भी रागात्मक सम्बंध हैं।

17वीं लोकसभा के तहत मोदी सरकार में 64 वर्षीय प्रताप चंद्र सारंगी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। बता दें कि जब सारंगी शपथ लेने आए तो सबसे ज्यादा तालियां बजाई गईं। और इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सारंगी के तमाम किस्से वायरल हो रहे हैं। कोई उन्हें 'फकीर नेता' कहता है, तो कई लोग बताते हैं कि उड़ीसा में सारंगी 'उड़ीसा के मोदी' नाम से भी विख्यात हैं। पिछले कई सालों से समाज सेवा कर रहा ये शख्स पहली बार सांसद बना है और पहली बार ही मंत्री पद मिला है।

कांग्रेस शासित राज्यों से वीर सावरकर को लेकर कई तरह की घटिया टिप्पणी जारी है। वीर सावरकर की जयंती से ठीक पहले ही उन्हें नायक से खलनायक बनाने की कवायद तेज कर दी गई।

विवादों से जुड़े क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर भारत की महान विभूतियों में गिने जाते हैं। सावरकर का जन्म महाराष्ट्र में नासिक के पास भागुर गांव में 28 मई 1883 में हुआ था। वीर सावरकर ना सिर्फ महान क्रांतिकारी बल्कि एक वकील,लेखक,एक्टिविस्ट के अलावा बड़े नेता भी थे। हिंदु्त्व विचारधारा के जनक थे विनायक दामोदर सावरकर। हालांकि कांग्रेस शुरू से ही उन्हें देशद्रोही साबित करने के लिए तमाम तर्क देती रही है।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का राजस्थान समेत कई राज्यों में सूपड़ा साफ हो गया है। जिसके बाद गहलोत सरकार में सियासी घमासान मचना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी का एक गुट प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ सियासी माहौल बनाने में जुटा है।