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जिस आबादी को लगभग डेढ़ लाख साल लगे 100 करोड़ पहुंचने में उसे हमने मात्र 214 सालों में ही 800 करोड़ के आसपास पहुंचा दिया है और अगर हम इसी गति से बढ़ते रहे तो 2050 में 1000 करोड़ के पार होंगे

ऋग्वेद की इस अनुभूति का विस्तार अथर्ववेद में भूमि सूक्त है। यहां पृथ्वी हमारी माता है हम सब इसके पुत्र हैं - पुत्रो अहम् पृथित्याः। ऋग्वेद की इसी प्रेरणा से गंगा यमुना आदि नदियां माता हैं।

पिछले 19 सालों में देश ने अपने बजट में काफी ऐसे बदलाव किए जिसे आप भी नहीं जानते होंगे। पहले रेल और वित्त बजट(आम बजट) अलग-अलग पेश किया जाता था लेकिन पिछली सरकार में रेल बजट को आम बजट का हिस्सा बना दिया गया।

ऋग्वेद में दर्शन के बीज हैं। वे पौध बनने को आकुल व्याकुल हैं। अदिति और पुरूष जेसे प्रतीकों में वेदांत दर्शन का जन्म दिखाई पड़ता है। मन सम्बंधी प्रश्नों में परवर्ती योग दर्शन के सूत्र हैं। सांख्य वैशेषिक दर्शन व मीमांसा के भी सूत्र ऋग्वेद में हैं।

जिसके कंकाल आजतक घाटी में मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने इस पूरी तबाही का कारण मानसून का जल्दी आ जाना और ग्लेशियरों का पिघलना बताया था।

अमेरिका और ईरान के बीच बवाल बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया के इस सबसे शक्तिशाली मुल्क अमेरिका ने ईरान के खिलाफ भविष्य का 'ब्रह्मास्त्र' चलाया है। अपने अत्‍याधुनिक ड्रोन को मार गिराए जाने से बौखलाए राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने मिसाइल हमले के आदेश पर यू-टर्न के बाद ईरान पर 'साइबर स्‍ट्राइक' किया है।

23 जून 1980 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत हुई थी। संजय गांधी को इंदिरा गांधी के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था। वह तेज तर्रार शैली और दृढ़ निश्चयी सोच और सादगी की वजह से वो देश की युवा पसंद थे। इस वजह से इंदिरा गांधी के अलावा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी झटका लगा।

अग्नि ऋग्वेद के प्रतिष्ठित देवता हैं। ऋग्वेद के मंत्रोदय के पहले से ही भारत के लोग अग्नि उपयोग व तत्वदर्शन से सुपरिचित थे। वैदिक ऋषियों ने अग्नि की सर्वव्यापकता और सर्वसमुपस्थिति का साक्षात्कार किया था।

मुजफ्फरपुर में दिमागी बुखार (Acute Encephalitis Syndrome) से हाहाकार मचा है, चीत्कार और हद्रय विदारक तस्वीरों ने देश को हिलाकर रख दिया है फिर भी प्रशासन क्यों है इतना लाचार.....?