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शिवरूद्र यहां ऋग्वेद से लेकर उत्तर वैदिक कालीन उपनिषदों में है। रामायण, महाभारत व परवर्ती साहित्य में भी है। शिव आस्था और उपासना में सांस्कृतिक निरंतरता है।

भौतिक संसाधन सीमित हैं। जनसंख्या वृद्धि असीमित। लोगों के आवास के लिए भी भविष्य में जगह कम पड़ सकती है। अजेय और समृद्ध भारत सबकी अभिलाषा है। इस कार्य में भारी जनसंख्या वृद्धि बड़ी बाधा है।

Modi Cabinet Expansion: कुछ मंत्रियों की कार्यशैली धीमी रही तो कुछ जनता का विश्वास जीतने में असफल रहे। इसका खामियाजा उन्हें अपना पद त्याग कर देना पड़ा। वैसे जिन बड़े नेताओं को इस्ताफी देना पड़ा है उनमें से कई लोगों को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की खबरें चल रही हैं।

J&K: 31 अक्टूबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक द्वारा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केन्द्रशासित प्रदेश बना दिए गए थेI इस महत्वपूर्ण संवैधानिक परिवर्तन के बाद कश्मीर केन्द्रित 6 दलों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में पीपुल्स एलाइंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन का गठन किया थाI इस अवसरवादी और अपवित्र गठजोड़ को राजनीतिक गलियारों में गुपकार गैंग की संज्ञा दी गयीI

आजादी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने सर्वदलीय मंत्रिमंडल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उद्योग,वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में नियुक्त किया। दरअसल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं थी।

2024 Election:  महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार में तीन सहयोगी हैं। शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी। प्रशांत किशोर को यहीं अपने लिए उम्मीद की किरण नजर आई और उन्होंने शरद पवार से मुलाकात की तो कयास लगाए जाने लगे थे। लेकिन तब यह कहा गया कि यह मुलाकात राजनीतिक नहीं है।

भारतीय अध्यात्म आंतरिक आनंद है। आध्यात्मिक प्रभाव के कारण लोग गाते बजाते नृत्य भी करते हैं। भारत के गाँव-गाँव नृत्य परंपरा रही है। आदिवासी, वनवासी सहित अनेक समूहों के नृत्य आकर्षक रहे हैं।

Corona Pandemic: जितना मशीन को मनुष्य का विकल्प बनाने की कोशिश की जाएगी, उतनी ही मनुष्य के मशीन बनने की सम्भावना बढ़ती जाएगी। इस क्रम को भी बदलना होगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने रूबिका को पत्र लिखा। मां के लिए संवेदनाएं प्रकट कीं। रूबिका के मुताबिक वे ताउम्र इसे नहीं भूल सकेंगी। पीएम ने घर के बड़े की तरह उनकी मदद की। हर पल उनके परिवार का ध्यान रखा। ऐसी कितनी ही कहानियां हैं जो पीएम के इस मानवतापूर्ण रवैए की गवाही देती हैं। वरिष्ठ पत्रकार और देश के सूचना आयुक्त उदय माहूरकर का भी ऐसा ही अनुभव है। कोविड काल में उनकी पत्नी स्मिता माहूरकर का ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा। यह 55 तक पहुंच गया।