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NR Narayana Murthy: ‘मनमोहन सरकार के दौर में भारत ठहर गया था, फैसले भी नहीं होते थे’, इन्फोसिस चीफ रहे नारायण मूर्ति का बड़ा खुलासा

मनमोहन सिंह 10 साल तक पीएम रहे। कांग्रेस लगातार कहती है कि मनमोहन सिंह के अर्थशास्त्री होने का ही नतीजा है कि भारत आज तरक्की कर चुका है, लेकिन आईटी कंपनी इन्फोसिस Infosys के संस्थापक और चेयरमैन रहे एनआर नारायण मूर्ति ने बड़ा खुलासा किया है कि मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के दौर में भारत की आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई थीं। उनके जमाने में विदेशी संस्थाओं में भारत की इज्जत भी कम ही थी।

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manmohan singh and nr narayana murthy

अहमदाबाद। मनमोहन सिंह 10 साल तक पीएम रहे। कांग्रेस लगातार कहती है कि मनमोहन सिंह के अर्थशास्त्री होने का ही नतीजा है कि भारत आज तरक्की कर चुका है, लेकिन आईटी कंपनी इन्फोसिस Infosys के संस्थापक और चेयरमैन रहे एनआर नारायण मूर्ति ने बड़ा खुलासा किया है कि मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के दौर में भारत की आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई थीं। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान वक्त पर फैसले नहीं लिए जा रहे थे। अहमदाबाद के भारतीय प्रबंध संस्थान IIM के छात्रों और युवा उद्यमियों को शुक्रवार को संबोधित करते हुए नारायण मूर्ति ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि जब 2008 से 2012 के बीच वो एचएसबीसी के बोर्ड में थे, तो वहां बैठकों में चीन का नाम दो से तीन बार आता था, लेकिन भारत का नाम एक बार ही लिया जाता था।

nr narayana murthy in iim ahmedabad

एक सवाल के जवाब में नारायण मूर्ति ने कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह असाधारण शख्स हैं और मेरे मन में उनके लिए सम्मान है, लेकिन उनके दौर में भारत ठहर गया था और फैसले भी नहीं लिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि जब 2012 में मैंने एचएसबीसी के बोर्ड को छोड़ा, तो उस वक्त बैठकों में भारत का नाम शायद कभी ही आता था। जबकि, चीन का नाम 30 बार लिया गया। आज भारत को दुनिया सम्मान से देखती है और वो पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन ने कहा कि 1991 में मनमोहन सिंह जब वित्त मंत्री थे, तो आर्थिक सुधार हुए। अब बीजेपी की सरकार के दौरान मेक इन इंडिया और स्टार्टअप से देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

एनआर नारायण मूर्ति ने कहा कि चीन ने 44 साल में भारत को पीछे छोड़ दिया। उसकी अर्थव्यवस्था हमसे 6 गुना बड़ी है। अगर युवा मेहनत करेंगे, तो भारत को भी चीन जैसा सम्मान मिलेगा। उन्होंने ये भी कहा कि जब मैं आपकी उम्र का था, तो ज्यादा जिम्मेदारी नहीं थी। न मुझसे और न भारत से ज्यादा उम्मीद कोई करता था। मुझे लगता है कि आप लोग भारत को चीन के सामने टक्कर देने वाला बनाएंगे और उसे आगे ले जाएंगे।

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