त्योहारी सीजन से पहले मोदी सरकार का तोहफा, आज से सस्ते में सोना खरीदने का मौका, जानें कहां व किस रेट पर मिलेगा

Modi Government : सस्ते रेट में सोना खरीदने के लिए एक व्यक्ति सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड(SGB) स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 400 ग्राम सोने(Gold) के बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि इसमें कम से कम निवेश की भी सीमा रखी गई है।

Avatar Written by: October 12, 2020 3:33 pm
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नई दिल्ली। मोदी सरकार त्योहारी सीजन से पहले लोगों को सस्ते में सोना खरीदने का मौका दे रही है। बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2020-21 की सातवीं सीरीज की शुरुआत 12 अक्टूबर से हो गई है। इसमें आपको मार्केट रेट से सस्ते में सोना खरीदने का मौका है। गौरतलब है कि ये मौका 16 अक्टूबर तक रहेगा। बता दें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बयान में कहा है कि स्वर्ण बॉन्ड का निर्गम मूल्य 5,051 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा, ”बॉन्ड का मूल्य अभिदान अवधि से पिछले सप्ताह के आखिरी तीन कारोबारी दिनों में 999 शुद्धता वाले सोने के औसत बंद भाव के आधार पर 5,051 रुपये प्रति ग्राम है।” बयान में आगे कहा गया कि आरबीआई के परामर्श से सरकार ने  ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट देने का फैसला किया है।

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केंद्रीय बैंक ने कहा, ”ऐसे निवेशकों के लिए स्वर्ण बॉन्ड की कीमत 5,001 रुपये प्रति ग्राम होगी। वहीं नौ नवंबर से 13 नवंबर तक सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना (एसजीबी) की 2020-21 श्रृंखला की आठवीं कड़ी अभिदान के लिए खुलेगी। आरबीआई भारत सरकार की ओर से सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड 2020-21 जारी कर रहा है।

सस्ते रेट में सोना खरीदने के लिए एक व्यक्ति सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 400 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि इसमें कम से कम निवेश की भी सीमा रखी गई है। बता दें कि न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। वहीं ग्राहकी की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम और प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) समान होगी।

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PAN कार्ड को एसजीबी के हर आवेदन के साथ निवेश करने पर जरूरी किया गया है। सभी कामर्शियल बैंक (आरआरबी, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक को छोड़कर), डाकघर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे एजेंटों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और ग्राहकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं।

दरअसल सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को निवेश करने वाले व्यक्ति को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। जहां तक शुद्धता की बात है तो चूंकि इसका स्वरूप इलेक्ट्रॉनिक रूप में होता है तो इसमें शुद्धता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा) वहीं इसका लोन के लिए  इसका उपयोग कर सकते हैं। अगर बात रिडेंप्शन की करें तो पांच साल के बाद कभी भी इसको भुना सकते हैं।