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Adipurush: Adipurush के डायरेक्टर Om Raut और लेखक Manoj Muntashir ने रखा अपना पक्ष, बोले – सनातनी पर गर्व है, हमने बहुत पवित्रता…

Adipurush: Adipurush के डायरेक्टर Om Raut और लेखक Manoj Muntashir ने रखा अपना पक्ष, बोले – सनातनी पर गर्व है, हमने बहुत पवित्रता… मनोज मुन्तशिर हमेशा से सनातनी धर्म को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। उन्होंने हमेशा अपने मंचो से सनातन धर्म और उनके इतिहास से जुड़ी चर्चाएं की है। फ़िल्म आदिपुरुष में मनोज मुन्तशिर ने डायलॉग लिखे हैं। ऐसे में उन्होंने और ओम राउत ने इस फ़िल्म को लेकर क्या कहा है यहां हम वही बताएँगे।

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नई दिल्ली। आदिपुरुष (#Adipurush) फ़िल्म लगातार विवादों में घिरती जा रही है। हर तरफ से फ़िल्म को बैन (#BanAdipurush) और बॉयकॉट (#BoycottAdipurush) करने की मांग चल रही है। ऐसे में मेकर्स को ये चिंता है कि कहीं इतने बड़े बजट में बनी फिल्म को नुकसान न हो जाए। लगातार हम देख रहे हैं कैसे ओम राउत (Om Raut) और प्रभास (#Prabhas) इस फ़िल्म के प्रमोशन के लिए पहले अयोध्या गए और फिर दिल्ली की लवकुश रामलीला में भी दर्शकों के साथ मौजूद रहे। श्रीराम के प्रति इतना प्रेम दिखाने के बाद भी फ़िल्म को वो स्नेह नही मिल रहा है। ऐसे में इस फ़िल्म के निर्देशक ओम राउत और कई फिल्मों में संवाद और गीत लिखने वाले मनोज मुन्तशिर (Manoj Muntashir) का फ़िल्म को लेकर बयान सामने आया है। मनोज मुन्तशिर हमेशा से सनातनी धर्म को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। उन्होंने हमेशा अपने मंचो से सनातन धर्म और उनके इतिहास से जुड़ी चर्चाएं की है। फ़िल्म आदिपुरुष में मनोज मुन्तशिर ने डायलॉग लिखे हैं। ऐसे में उन्होंने और ओम राउत ने इस फ़िल्म को लेकर क्या कहा है यहां हम वही बताएँगे।

पत्रकार सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) से तो हर कोई परिचित होगा। सुधीर चौधरी जिन्हें एक राष्ट्रवादी पत्रकार के तौर पर जाना जाता है। कुछ दिन पहले सुधीर ने भी इस फ़िल्म के विवाद को लेकर प्रश्न उठाए थे। जिसके बाद निर्देशक ओम राउत और संवाद लेखक मनोज मुन्तशिर ने सुधीर चौधरी को इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने अपने पक्ष को जनता के सामने रखा है। जब सुधीर चौधरी ने आदिपुरुष फिल्म (Adipurush Movie) के निर्देशक ओम राउत से रावण के किरदार को लेकर सवाल पूछा, जिस पर विवाद बढ़ रहा है उसका जवाब देते हुए ओम राउत ने कहा, “मैं प्रभु राम का बहुत बड़ा भक्त हूं। इस फिल्म के साथ मैंने कुछ गलत किया नहीं है। जो हमारा गौरवशाली इतिहास है हमने उस इतिहास को बहुत ही पवित्रता के साथ दिखाया है। मैं रामानंद सागर सर की रामायण से बहुत प्रभावित था और तब जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ था उस समय में वो बहुत बड़ी बात थी। जो हमारा रावण है, वो रामानन्द सागर सर की रामायण के रावण से अलग है। हमारा रावण आज के जमाने का राक्षस है। जो आज के जमाने क्रूर और राक्षसी प्रवृत्ति के लोग होते हैं वो कैसे होते होंगे, वैसा मेरा रावण है। जिसने हमारी सीता मैया का हरण किया, ये वो रावण है। तो आज के समय ये क्रूर राक्षस हमें कैसा दिखेगा मेरे लिए वो रावण है।”

मनोज (#Manojmuntashir) ने बाहुबली (#Bahubali) फिल्म के भी संवाद लिखे हैं और करीब 70 से भी अधिक फिल्मों के साथ किसी न किसी रूप में रहे हैं। वो मंचो से हमेशा सनातन धर्म का गुणगान करते हैं और खुद को सनातनी के अलावा कुछ नहीं मानते हैं। इस बातचीत में उन्होंने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा, “मैं ये मानता हूं भगवान श्रीराम को लेकर लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और वो होनी भी चाहिए। हम एक ऐसे राष्ट्र, ऐसे देश में हैं जहां प्रभु श्रीराम का नाम आने पर आपका सिर श्रद्धा से झुकना चाहिए। निर्देशक ओम राउत की तारीफ़ करते हुए उन्होंने एक किस्सा सुनाया –

“फिल्म में एक सीन है जहां रावण, मां सीता को हरण करने के लिए आया है। ये दृश्य सबने रामलीला में भी देखा है। रामानंद सागर जी की रामायण में भी देखा है। लेकिन ओम राउत ने जो दिखाया है उसमें रावण, मां सीता का हरण कर रहा है, लेकिन एक क्षण, एक मिनट के लिए भी स्पर्श नहीं करता है, माया से हरण करता है। तो मैंने ओम से पूछा की ये तो मैंने कभी सोचा नहीं, ऐसा क्यों है ? जिस पर ओम ने बताया कि मां सीता मेरी मां है, कोई भी उसे छू नहीं सकता है।”

इस किस्सा को सुनाने के बाद मनोज ने कहा कि उनकी टीम ने इस श्रद्धा के साथ फिल्म को बनाया है। इसके अलावा मनोज भी जब फिल्म के संवाद लिखते थे तो वो अपनी चप्पलें जूते के बाहर निकालकर आते थे और तब इस फिल्म के संवाद को लिखते थे। इस श्रद्धा के साथ फिल्म का निर्माण किया गया है। मनोज ने कहा कि हमें हिन्दू जनमानस पर विश्वाश है और जिस दिन वो हमारी नियत को समझ गए वो हमें पूर्ण सहयोग देंगे।

फिल्म के बदलाव को लेकर ओम राउत ने कहा “हमें सबके आशीर्वाद की जरूरत है। क्योंकि ये फिल्म नहीं है। ये हमारा मिशन है। आदिपुरुष फिल्म हमारे लिए हमारी भक्ति का प्रतीक है। ये हमारे लिए हमारी श्रद्धा है। जो लोग इस फिल्म के बारे में बोल रहे हैं वो हमारे बड़े-बुजुर्ग हैं। हम सबकी बात को सुन रहे हैं। सबकी बात को लिख रहे हैं और जब जनवरी आप इस फिल्म को देखोगे तो मैं किसी को निराश बिल्कुल नहीं करूंगा।

रावण के खिलज़ी वाले विवाद पर मनोज मुन्तशिर ने कहा, “अभी तो सिर्फ 1 मिनट का टीज़र रिलीज़ हुआ है। हमारे पास दिखाने के लिए बहुत कुछ है। लेकिन जो लोग रावण के खिलज़ी होने का आरोप लगा रहे हैं उनसे मैं कहना चाहूंगा कि मात्र एक मिनट के टीज़र में रावण ने त्रिपुण्ड भी लगाया है, जनेऊ भी पहना है और रुद्राक्ष भी धारण किया है अब ये लोग मुझे बतायें कि आखिर कौन सा खिलज़ी त्रिपुण्ड लगाता है, रुद्राक्ष धारण करता है। रावण मेरे लिए बुराई का चेहरा है और खिलज़ी भी मेरे लिए बुराई का चेहरा है। हमने वैसे तो चाहकर उसे खिलज़ी जैसा नहीं बनाया है लेकिन अगर खिलज़ी रावण के जैसा दिखता है तो मुझे नहीं लगता उसमें कोई ऐतराज की बात है। मनोज ने कहा धर्म और रिलिजन दो अलग अलग चीज़ें हैं। लेकिन पूरे विश्व में धर्म तो एक ही है – सनातन। दूसरा कोई धर्म इस दुनिया में बना ही नहीं है। हम सनातन धर्म की तुलना किसी और रिलिजन से नहीं कर सकते क्योंकि हम तो खुले विचार के लोग हैं सबका स्वागत करते हैं।

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