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Akshay Kumar On Raksha Bandhan: अक्षय कुमार ने किया Laal Singh Chaddha का सपोर्ट, बोले – मैं नहीं चाहता की…

Akshay Kumar On Raksha Bandhan: अक्षय कुमार ने किया Laal Singh Chaddha का सपोर्ट, बोले – मैं नहीं चाहता की… अपनी फिल्म रक्षाबंधन और आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा के लिए कुछ ऐसी बात कही जो आपको जरूर जानना चाहिए। यहां हम आपको वही बताएंगे।

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नई दिल्ली। 11 अगस्त को अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। इसी के साथ आमिर खान (Aamir Khan) और करीना कपूर (Kareena Kapoor) की फिल्म  लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) भी 11 अगस्त को रिलीज़ हो रही है। जहां आमिर खान फिल्म इंडस्ट्री के बड़े- बड़े सितारों (Bollywood Stars/Celebrity) को फिल्म दिखा रहे हैं। वहीं अक्षय कुमार अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए शहर-शहर जा रहे हैं। हाल ही में अक्षय कुमार अपनी फिल्म के प्रमोशन के चलते जयपुर भी गए जहां पर उनपर फूलों की बारिश की गयी और उनका भव्य स्वागत हुआ। लगातार अक्षय कुमार अपनी फिल्म को प्रमोट कर रहे हैं और शहर शहर जा रहे हैं इसी सिलसिले में जब वो इंदौर गए तो वहां पर उन्होंने अपनी फिल्म रक्षाबंधन और आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा के लिए कुछ ऐसी बात कही जो आपको जरूर जानना चाहिए। यहां हम आपको वही बताएंगे।

अपनी फिल्म को प्रमोशन को लेकर जब अक्षय कुमार इंदौर गए तो उन्होंने कहा,”मेरे लिए दोनों ही फिल्म बराबर हैं। मैं विश्वाश करता हूं दोनों ही फिल्मों को काम करना चाहिए। अच्छा कारोबार (Business) करना चाहिए। हमारी इंडस्ट्री को कुछ ऐसी फिल्म चाहिए जो हमेशा चलती रहे हैं, वर्क करती रहें। हमारी इंडस्ट्री को ऐसा वर्क नहीं चाहिए जो एक दूसरे से मुकाबला (Competition) करे, वो ही फिल्म चाहिए जो चलती रहें, बॉक्स-ऑफिस पर कमाल करती रहे।”

अगर व्यक्तिगत तौर पर मैं अपनी बात रखूं तो अक्षय कुमार को इस बात की तो चिंता है कि, इंडस्ट्री दौड़नी-भागनी चाहिए, उनकी जेबें भरी रहनी चाहिए। लेकिन दर्शकों की भावनाएं (Human Feelings) आहत हों,तो उससे अक्षय को कोई मतलब नहीं हैं। क्या अक्षय कुमार को फिल्म की कामयाबी के आगे जनता की भावनाएं भी नहीं दिख रही है। क्या उन्हें जनता की भावनाओं का कोई सम्मान नहीं है। दूसरी बात इंडस्ट्री में वही  फिल्में कमाल करती हैं, जो सच्चाई पर आधारित हों, जो दर्शकों को कुछ ऐसा दे सकें जो उनके लिए उपयोगी हो | फिर अक्षय कुमार का ये वक्तव्य कितना सही है कि इंडस्ट्री की हर फिल्म काम करनी चाहिए। जरूर, जो फिल्म दर्शकों को पसंद आएगी, जो सच्चाई पर खरी उतरेगी, जो दर्शकों को कुछ देकर जाएगी, वो चलेगी। हां लेकिन वो फिल्में शायद अब कारोबार न कर पाएं जिन्होंने हिन्दू धर्म और संस्कृति का मजाक बनाकर रख दिया हो।

इसके अलावा अक्षय कुमार कहते हैं,”लोग मुझसे लगातार कहते रहते हैं मैं नंबर वन पर हूं, सेकंड पर हूं, थर्ड पर हूं पर मैं इस मुकाबले की दौड़ में विश्वाश नहीं रखता हूं। मैं कोई घोड़ा नहीं हूं जो किसी दौड़ में भागता है और फर्स्ट, सेकंड और थर्ड आता है। इंडस्ट्री के पास देने के लिए बहुत कुछ है, सबके पास बहुत सारा काम है। हमारी इंडस्ट्री में गिनकर कुल 8 – 12 कलाकार हैं, हम सबके पास काम है। एक साल में 180 फिल्म बनती हैं। मैं नहीं सोचता यहां ऐसा कोई मुकाबला है।”

व्यक्तिगत तौर पर हम सब जानते हैं- आज शिक्षा, राजनीती, नौकरी हर क्षेत्र में मुकाबला (Competition) है फिर अक्षय इस मुकाबले से डरते क्यों हैं। मुकाबला हर जगह है हर इंडस्ट्री में है। कोई काम छोटा नहीं है कोई काम किसी से कम नहीं है फिर अक्षय क्यों चाहते हैं की फिल्म इंडस्ट्री को एक अलग प्रकार की इंडस्ट्री समझा जाए और उसे एक अलग प्रकार का महत्व दिया जाए। जैसे सब इंडस्ट्री हैं, उसी प्रकार ही फिल्म इंडस्ट्री है। जैसे सब काम कर रही हैं मुकाबला कर रही हैं उसी प्रकार फिल्म इंडस्ट्री को काम करना चाहिए और मुकाबला करना चाहिए।

बॉलीवुड वालों को यही बात बर्बाद कर रही है कि वो अपने आपको “कुछ अलग, कुछ विशेष” इंडस्ट्री समझते हैं। बॉलीवुड वालों को लगता है उनका काम ही रचनात्मक है बल्कि सच तो यह है, आज हर काम में रचनात्मकता है और हर इंडस्ट्री में मुकाबला है।

आगे अक्षय कहते हैं, “मैं आशा रखता हूं, और प्रार्थना करता हूं कि दोनों ही फिल्म शुक्रवार को एक सफल कारोबार करें।” यहां भी अक्षय कुमार को लोगों का गुस्सा या लोगों की भावनाएं (Emotions) नहीं दिख रही हैं। वो उन भावनाओं और बातों पर दर्शकों से संवाद नहीं करना चाहते हैं जिनसे दर्शक नाराज़ हैं, आहत हैं| बल्कि अक्षय उन सब बातों को सिरे से खारिज कर देना चाहते हैं और सिर्फ चाहते हैं कि उनकी फिल्म अच्छा कारोबार करे। ये तो वही बात हुई “अपना काम बनता… “| खैर 11 अगस्त के बाद इन दोनों ही फिल्मों का क्या हश्र होगा यह जनता बता देगी, “क्योंकि जनता ही सर्वोपरि है।”

अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन, भाई-बहनों के संबंधों की कहानी है। जिसमें भाई और बहन के प्यार को दिखाया गया है। इस फिल्म के ज्यादातर गीत लोगों की आंखो में पानी लाने वाले हैं। दूसरी बात यह फिल्म, रक्षाबंधन जैसे त्यौहार के मौके पर आ रही है तो यह लोगों को अधिक भावनात्मक(Emotional) करती है। इस फिल्म को आनंद एल रॉय (Aanand L. Roy) डायरेक्ट कर रहे हैं।

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