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Laal Singh Chaddha: क्या लाल सिंह चड्ढा के माध्यम से Aamir Khan राष्ट्र और सेना के नाम/सम्मान को बदनाम करने वाले हैं

Laal Singh Chaddha: क्या लाल सिंह चड्ढा के माध्यम से Aamir Khan राष्ट्र और सेना के नाम/सम्मान को बदनाम करने वाले हैं अब उनकी फिल्म लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) आ रही है, जिस पर भी आरोप लग रहे हैं कि आमिर इस फिल्म के माध्यम से देश (India) और देश की सेना (Indian Army) का सिर नीचे झुकना चाह रहे हैं।

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नई दिल्ली। आमिर खान (Aamir Khan) का विरोध किसी धर्म या मजहब (Religion) के कारण से नहीं, बल्कि उनके राष्ट्र विरोधी कृत्यों के कारण हो रहा है। आमिर खान के पिछले कुछ बयान और फिल्में ऐसी रही हैं, जिसके कारण उन्हें ज्यादातर लोग नापसंद करने लगे हैं। पहले उन्होंने रंग दे बसंती (Rang De Basanti) में देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया उसके बाद पीके (PK) जैसी विवादास्पद फिल्म बनाई। जब एनडीए की सरकार बनी उसके कुछ दिन बाद में ही उनका यह बयान आ गया की उन्हें भारत में रहने से डर लगता है। उसके बाद उन्हें तुर्की में भी फर्स्ट लेडी के साथ देखा गया, जहां से भारत विरोधी बयान आते हैं और आमिर से जब इजराइल के प्रधानमंत्री मिलना चाहते थे तब आमिर उनसे मिलने से इंकार कर दिया जबकि, इजराइल और भारत के अच्छे संबंध हैं। सिर्फ आमिर खान ही नहीं बल्कि आमिर, शाहरुख़ (Shahrukh Khan) और सलमान (Salman Khan) तीनों ने मिलने से इंकार कर दिया था। ऐसे में जब आमिर को जब लोगों ने इस तरह की गतिविधियां करते हुए देखा गया तो दर्शकों ने उन्हें सिरे से नकारना ही उचित समझा। अब उनकी फिल्म लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) आ रही है, जिस पर भी आरोप लग रहे हैं कि आमिर इस फिल्म के माध्यम से देश (India) और देश की सेना (Indian Army) का सिर नीचे झुकना चाह रहे हैं।

जैसा की मैंने आपको पहले बताया आमिर ने देश विरोधी और सरकार विरोधी प्रोपगैंडा को फिल्म के माध्यम से दिखाया। पीके जैसी फिल्म के माध्यम हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान किया। सत्यमेव जयते जैसे टीवी शो के माध्यम से, हिन्दू रीति रिवाजों (जैसे भगवान शिव पर दूध चढ़ाना) जैसे मुद्दे पर निशाना साधा। इसके अलावा सत्यमेव जयते शो के माध्यम से आमिर ने ऐसे मुद्दे को उठाया जो या तो हिन्दुओं की छवि पर प्रश्नचिन्ह लगाती है या फिर भारतीय संस्कृति पर प्रश्नचिन्ह लगाती है। इसके अलावा अब खबरें ऐसी भी आ रही हैं की जब पीके फिल्म रिलीज़ हुई तो उसे पाकिस्तान जैसे भारत विरोधी देश में भी हिन्दू विरोधी फिल्म बताकर प्रमोट किया गया। जिससे साफ़ झलकता है वो सिर्फ हिन्दुओं के धर्म-रिवाजों और मान्यताओं पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे थे। आमिर खान ने जितने भी विषयों पर काम किया, हमेशा उनके निशाने पर हिन्दू थे उन्होंने किसी अन्य धर्म की कुरीतियों पर कभी बात नहीं की। अतः उपरोक्त सभी कृत्यों को देखने सुनने के बाद अब लोगों ने आमिर खान को सिरे से नापसंद कर दिया है।

अब आमिर खान अपनी नई फिल्म लाल सिंह चड्ढा के साथ आ रहे हैं जो की हूबहू फारेस्ट गंप (Forest Gump) की नकल है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं | आपको बता दें, फारेस्ट गम्प में टॉम हैंक्स (Tom Hanks) सेना के जवान (Soldier) का किरदार निभा रहे हैं। जिसका मानसिक संतुलन (Mental Disability) कुछ ठीक नहीं है पर वो भारतीय सेना में भर्ती है। भारतीय सेना में भर्ती होने के बाद जब उसे महत्वपूर्ण लड़ाई (War) के लिए भेजा जाता है, तब वो मैदान छोड़कर भाग जाता है। वो युद्ध के मैदान में, अपने साथियों को अकेला छोड़कर भाग जाता है। क्योंकि उसकी गर्लफ्रेंड जिससे वो प्यार करता है उसने कहा था की जब कोई समस्या आकर खड़ी हो तो तुम भाग जाना। अपनी गर्लफ्रेंड की बात पर वो भाग लेता है लेकिन इसका नतीज़ा बहुत बुरा होता है और दुश्मनों से लड़ रहे जवान में अधिकतर जवान मर जाते हैं और कुछ अपंग हो जाते हैं। ये सब घटनाक्रम होने के बावजूद भी टॉम हैंक्स के किरदार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है।

ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं और प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि भारतीय सेना में कभी भी ऐसे लोगों को भर्ती नहीं किया जाता है, जो युद्ध का मैदान छोड़कर भाग जाये। भारतीय सेना हमेशा स्वस्थ, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत लोगों को ही सेना में भर्ती करती है। भारतीय जवान इतना कमजोर भी नहीं होते हैं की वो गर्लफ्रेंड के कहने पर युद्ध के मैदान से भाग जाएं। बल्कि भारतीय जवान तो युद्ध के मैदान में सिर्फ दुश्मनों का खात्मा करना जानते हैं। वो युद्ध के मैदान को कभी भी छोड़ नहीं सकते चाहे उसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार का बलिदान देना पड़े। ऐसे में आमिर खान अगर उसी किरदार को फिल्म में दिखाते हैं जो देश और देश की सेना की छवि को धूमिल करने जैसा है तो कोई भी दर्शक ऐसी फिल्म को पसंद नहीं करना चाहेगा। इसके अलावा फिल्म में कुछ ऐसे तत्व भी मौजूद हो सकते हैं, जो भारतीय संस्कृति का मजाक उड़ाते हैं। भारत अमेरिका नहीं है और अमेरिका भारत नहीं है| ऐसे में दोनों की संस्कृति और नीतियां भी अलग हैं। ऐसे में किसी विदेशी फिल्म की नकल करके, देश की छवि को धूमिल करने से भी लोग नाराज़ हैं और उनकी फिल्म को न देखने का, मन बना रहे हैं।

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