Connect with us

मनोरंजन

Panchayat-2 Review: कॉमेडी और ड्रामे से भरपूर है पंचायत-2 की कहानी, एक्टिंग से फिर छाए जितेंद्र कुमार

Panchayat:2: फुलेरा गांव का सचिव अभिषेक त्रिपाठी( Jitendra kumar) एक किरदार नहीं बल्कि देश के उन युवाओं की कहानी हैं जो शहर के कारपॉरेट कल्चर और उसकी चकाचौंध को देखकर शहर की ओर भागना चाहते हैं।

Published

on

नई दिल्ली। करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद प्राइम वीडियो पर पंचायत-2 वेब सीरीज रिलीज हो चुकी हैं। डायरेक्टर दीपक कुमार मिश्रा के डायरेक्शन में बनी ये सीरीज चंदन कुमार की कहानी एक बार फिर फैंस के दिल में छाप छोड़ गई। इस सीरीज में कुल आठ एपिसोड्स हैं। हर एपिसोड अपने आप में एक अहम भूमिका रखता हैं। इस सीरीज के आठ एपिसोड नदी के पानी की तरह धीरे-धीरे एक बहाव में बहते हैं जिसको समझने के लिए आपको इसमें गोते लगाने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। इस सीरीज में कॉमेडी के साथ हाई वोल्टेज ड्रामा भी आपको देखने को मिलेगा। टीवीएफ की यह सीरीज कई मायने में खास हैं।

भूमिका

यह सीरीज आपको हसाने के साथ-साथ धीरे से आपके कान में एक ऐसी बात कह जाएगी जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। फुलेरा गांव का सचिव अभिषेक त्रिपाठी (Jitendra kumar) एक किरदार नहीं बल्कि देश के उन युवाओं की कहानी हैं जो शहर के कारपॉरेट कल्चर और उसकी चकाचौंध को देखकर शहर की ओर भागना चाहते हैं और शहर में बसने वाले सिद्धार्थ जैसे युवा चिल्ल करने के लिए गांव आना चाहते हैं। यह सीरीज साल 2020 में आई पंचायत-1 की अपेक्षा आपको ज्यादा रूलाएगी। इस बार आप ‘’गजब बेईज्जती हैं यार’’ जैसे  डायलॉग नहीं बल्कि जीवन से जुड़ी सच्चाई से रूबरू होकर सीरीज खत्म करेगें।

कहानी

पंचायत-2 नदी के उस किनारे से शुरु होती हैं जहां से पंचायत-1 का की कहानी की नदी खत्म हुई थी। फुलेरा के सचिव अभिषेक त्रिपाठी को आज भी गांव से दूर जाना हैं। उसने खुद को एक साल का वक्त दे रखा हैं। जहां वो एक ओर कैट की तैयारी कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सचिव के तौर पर अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। गांव की प्रधान मंजू देवी (Neena Gupat) के परिवार से अपनेपन का रिश्‍ता है। प्रधान के पति और असल मायने में प्रधानी कर रहे बृज भूषण दुबे (Raghubir Yadav), उप प्रधान प्रह्लाद पांडे (Faisal Malik) और दफ्तर में असिस्‍टेंट विकास (Chandan Roy) से अभिषेक की अब पक्‍की वाली दोस्‍ती है। अभिषेक को शहर जाना हैं लेकिन सीजन-1 की तरह गांव में रहना उनके लिए टास्क नहीं हैं। अब गांव से एक कम्फर्ट आ गया हैं। और आगे गांव की समस्या जैसे सड़क, बिजली, और खुले में शौच की भी हैं। और इन सब से जूझते सचिव जी हैं। प्रधान की प्रधानी को टक्‍कर देने के लिए भूषण और क्रांति देवी हैं। एक बड़बोले दबंग विधायक जी भी है। एक बेटा जो फौज में है। एक नाचने वाली भी है, जो जाते-जाते जीवन की सच्चाई से हमारा सामना करवाती हैं कि एक तरह से हम सब कहीं ना कहीं नाच ही रहे हैं। एक पिता है, जिसकी जिंदगी टूटकर बिखर गई है। वो जब समाज में निकलेंगे तो सर ऊंचा रहेगा, खूब इज्‍जत मिलेगी। लेकिन घर लौटेंगे तो उम्रभर के लिए अकेलेपन के सिवाय कुछ नहीं होगा।

रिव्यू

पंचायत-2 में चंदन कुमार की कहानी और दीपक कुमार के डायरेक्शन में बनी सीरीज के आठों एपिसोड कब खत्म हो जाएंगें आपको पता तक नहीं चलेगा। सीरीज में जीवन के सार से मुलाकात करायी गई हैं। सीरीज के अंत में आपकी आंखों में नमी होगी। इस सीरीज में आपको गांव की मिट्टी के प्रति प्रेम भी उत्पन्न करेगा।

Advertisement
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Advertisement
Advertisement