कंगना ने दी संजय राउत को चुनौती, कहा- आ रही हूं मुंबई, देखते है कौन…

बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने उन पर आक्रामक टिप्पणी किए जाने के चलते शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की आलोचना की है और कहा है कि ‘इससे उनकी मानसिकता पता चलती है।’

Avatar Written by: September 6, 2020 7:48 pm
Kangana Ranaut

मुंबई। बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने उन पर आक्रामक टिप्पणी किए जाने के चलते शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की आलोचना की है और कहा है कि ‘इससे उनकी मानसिकता पता चलती है।’ कंगना ने अपने सत्यापित ट्विटर अकांउट पर एक वीडियो मैसेज साझा किया है, जिसमें वह अपनी अभिव्यक्ति की आजादी पर बोलती नजर आ रही हैं।

Kangana and Sanjay

कंगना कहती हैं, “संजय राउत जी, आपने मुझे कहा कि मैं एक ‘हरामखोर’ लड़की हूं। आप एक सरकारी मुलाजिम हैं, एक मंत्री हैं, आप तो जानते ही होंगे कि देश में हर दिन नहीं, हर घंटे कितनी लड़कियों के बलात्कार हो रहे हैं, कितनी लड़कियों का शोषण किया जा रहा है, उनकी बॉडीज काटके, एसिड डालके फेंक दी जा रही है, उनकी काम की जगहों पर उन्हें गालियां दी जा रही हैं, उनका अपमान किया जा रहा है। उनके खुद के पति उनके कान, नाक, मुंह, जबड़े तोड़ रहे हैं और आपको पता है इसका जिम्मेदार कौन है? इसका जिम्मेदार है यह मानसिकता, जिसका भोंडा प्रदर्शन आपने पूरे समाज के सामने, पूरे देश के सामने किया है, वो मानसिकता इसके लिए जिम्मेदार है और इस देश की बेटियां आपको माफ नहीं करेंगी संजय जी। आपने महिलाओं का शोषण करने वालों का सशक्तीकरण किया है। इस देश की बेटियां आपको माफ नहीं करेंगी।”


कंगना आगे कहती हैं, “जब आमिर खान जी ने कहा था कि मुझे इस देश में डर लगता है तब उनको किसी ने हरामखोर नहीं कहा या जब नसीरुद्दीन शाह जी ने कहा था, तब उनको किसी ने हरामखोर नहीं कहा। जिस मुंबई पुलिस की मैं तारीफ करती हुए नहीं थकती थी, आप देख लीजिए, मेरे पुराने कोई भी इंटरव्यूज। आज जब वो पालघर की लिंचिंग में साधुओं के सामने वे कुछ नहीं करते हैं, खड़े रहते हैं या एक लाचार बाप जैसे कि सुशांत के पिताजी उनकी एफआईआर नहीं लिखते हैं, मेरी स्टेटमेंट नहीं लेते हैं, तो इस प्रशासन के चलते अगर मैं उनकी निंदा करती हूं तो इसलिए कि मुझे अभिव्यक्ति की आजादी है।”

kangana ranaut

उन्होंने कहा, “संजय जी, मैं आपकी निंदा करती हूं। आप महाराष्ट्र नहीं हैं। आप यह नहीं कह सकते कि मैंने महाराष्ट्र की निंदा की है और संजय जी, मैं 9 सितंबर को आ रही हूं। आपके लोग कह रहे हैं कि आप लोग मेरा जबड़ा तोड़ देंगे, आप लोग मुझे मार डालेंगे। आप लोग मुझे मारिए, क्योंकि इस देश की जो मिट्टी है वो ऐसे ही खून से सींची हुई है। इस देश की जो गरिमा है और अस्मिता है, उसके लिए न जाने कितने लोगों ने अपनी जान दी है और हम भी देंगे संजय जी, हमको भी वह कर्ज चुकाना है। मिलते हैं 9 सितंबर को। जय हिंद, जय महाराष्ट्र।”