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Laal Singh Chaddha: जानिए, लाल सिंह चड्ढा फिल्म के लेखक Atul Kulkarni ने क्यों कहा – दर्शकों पर है, वो पसंद करें या नापसंद

Laal Singh Chaddha: जानिए, लाल सिंह चड्ढा फिल्म के लेखक Atul Kulkarni ने क्यों कहा – दर्शकों पर है, वो पसंद करें या नापसंद यहां हम बताएंगे की आखिर अतुल कुलकर्णी ने साऊथ वर्सेज़ नार्थ की डीबेट और फिल्म पर क्या कहा है।

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नई दिल्ली। आमिर खान (Aamir Khan) और करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) की फिल्म लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) जल्द ही सिनेमाघर में आने वाली है। ये अलग बात है की उसी दिन अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) भी सिनेमाघर में दस्तक देने के लिए तैयार है। जहां अक्षय कुमार की फिल्म भाई- बहन के संबंधों पर केंद्रित है वहीं आमिर की फिल्म में प्रेम (Love),ड्रामा (Drama),मासूमियत (Innocence), सच्चाई (Truth), देश के लिए लड़ाई (Fight For Nation), जिंदगी से जद्दोजहद (Striving For Life) और खूबसूरत दृश्य (Beautifull Scenes) सब है। दोनों ही फिल्म को बड़े स्केल पर रिलीज़ किया जा रहा है। आमिर खान फिल्म की स्क्रीनिंग भारत के सुपरस्टार्स जैसे चिरंजीवी (Chiranjeevi) और नागा चैतन्य (Naga Chaitanya) के साथ साझा कर रहे हैं जहां फिल्म देखने के बाद दोनों की ही आंखो से आंशू टपकने लगते हैं। लेकिन दर्शकों को इमोशनल करने के मामले में, अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन भी कम नही है लगातार जैसे-जैसे उसके गीत सामने आ रहे हैं दर्शको की आंखे पानी पानी हो रही हैं। फिल्म को अतुल कुलकर्णी (Atul Kulkarni) ने लिखा है और उन्होंने कई महीनों से चली आ रही साउथ वर्सेज़ नार्थ की डीबेट (South vs North Debate) पर अपनी बात सामने रखी है यहां हम बताएंगे की आखिर अतुल कुलकर्णी ने साऊथ वर्सेज़ नार्थ की डीबेट पर क्या कहा है।

इंडिया टुडे के साथ हुई बातचीत में अतुल कुलकर्णी बताते हैं कि वो नार्थ वर्सेज़ साऊथ की डीबेट और उसके बारे में बिल्कुल भी सोचते नहीं है। अतुल कुलकर्णी कहते हैं कि ऐसा नही है की पैन इंडिया फिल्में आज से बन रही हैं बल्कि वो हमेशा से बनती रही हैं और लोग उन्हें देखते हैं इसके अलावा वो इस बात से भी सहमत हैं की दर्शक हमेशा एक जैसे नही होते हैं उनमें बदलाव होता रहता है। लाल सिंह चड्ढा के लेखक अतुल कहते हैं,”मैं वास्तव में इन सब चीजों के बारे में नहीं सोचता। मेरा मानना है कि लोग वही देखते हैं जो उन्हें पसंद है। हम एक राष्ट्र के रूप में दुनिया में सबसे अधिक संख्या में फिल्मों का निर्माण करने में गर्व महसूस करते हैं, और राष्ट्र पर गर्व करते हैं, जिसका फिल्म निर्माण में इतना समृद्ध इतिहास है। अचानक हम [भाषा को लेकर] भेदभाव करना पसंद करने लगे हैं। मैं इसे कभी नहीं समझ पाता हूँ ।” उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी कहानियों को सुंदर तरीके से बताना है. न कि अन्य चीजों के बारे में सोचते रहना है।

अतुल से जब पूछा गया कि क्या वो अपनी फिल्म की रिलीज़ को लेकर घबरा रहे हैं जिसका जवाब देते हुए अतुल ने कहा उन्हें फिल्म के रिलीज़ के दौरान होने वाले प्रेशर को इन 22 सालों में सीख लिया है। उनसे जब पूछा गया की इस समय जब बॉलीवुड फिल्में दर्शकों को आकर्षित करने में असफल रही हैं तो क्या उन्हें फिल्म लाल सिंह चड्ढा के लिए भी डर है, इस पर उन्होंने कहा, “आप दर्शकों को किसी भी फिल्म को देखने या न देखने के लिए निर्देशित नहीं कर सकते। है ना? यह सिर्फ योग्यता पर निर्भर करता है। अगर लोग इसे पसंद करते हैं, तो लोग फिल्म देखेंगे। मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से स्वतंत्र प्रक्रिया है।”

फिल्म लाल सिंह चड्ढा, टॉम हैंक्स द्वारा अभिनयकृत फिल्म फारेस्ट गम्प का अडॉप्टेशन है जिसे 11 अगस्त को सिनेमाघर में रिलीज़ किया जा रहा है।

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