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Boycott Brahmastra: “ब्रह्मास्त्र की किस्मत के सिकंदर” हैं Ranbir Kapoor जिन्हें पसंद है- गौमांस, पढ़िए फिल्म में क्या- क्या है आपत्तिजनक

Boycott Brahmastra: “ब्रह्मास्त्र की किस्मत के सिकंदर” हैं Ranbir Kapoor जिन्हें पसंद है- गौमांस, पढ़िए फिल्म में क्या- क्या है आपत्तिजनक यहां हम अब तक आए ट्रेलर और विज़ुअल्स के हिसाब से बताएंगे की कैसे एक बार फिर, फिल्म के माध्यम से  बड़ी-बड़ी बातें करके दर्शको को मूर्ख बनाया जा रहा है ?

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नई दिल्ली। रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की फिल्म आने वाली है ब्रह्मास्त्र (Brhmastra)। फिल्म को हर तरह से प्रमोट करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन क्या अभी भी इन स्टार्स के होश ठिकाने आए हैं। जवाब है शायद नहीं। क्योंकि दर्शकों ने इतना गुस्सा दिया है, फिल्म को बॉयकॉट कर दिया है, लेकिन ये स्टार्स फिर भी दर्शकों के सामने झुकने को तैयार नहीं है। एक बार भी दर्शकों से आकर नहीं कहा है- की दर्शक आकर उनकी फिल्म को देखें। ये स्टार्स खुद को भगवान से भी ऊपर समझते हैं। कल ये जरूर भगवान के दर्शन करने गए थे लेकिन इनके व्यवहार ने बताया है कि ये भगवान के दर्शन करने नहीं, बल्कि भगवान को दर्शन देने गए थे। खबरों के मुताबिक़ क्योंकि अगर इन्हें भगवान के दर्शन करना होता तब तो उज्जैन के जिलाधिकारी ने पूरी सुरक्षा दी थी इन्हें जाना चाहिए था लेकिन इनकी टीम को खुद सुरक्षा पूरी नहीं लगी और “ब्रह्मास्त्र के किस्मत के सिकंदर” ने मंदिर में जाने से इंकार कर दिया। इनकी टीम और फिल्म के डायरेक्टर अयान मुखर्जी को भगवान के दर्शन से ज्यादा आलिया की चिंता थी। वही आलिया जो हर जगह दौड़ दौड़कर फिल्म का प्रमोशन कर रही हैं। लेकिन वो भगवान के दर्शन के लिए ऐसी भीड़ में जाने का रिस्क नहीं ले सकती हैं। यहां हम अब तक आए ट्रेलर और विज़ुअल्स के हिसाब से बताएंगे की कैसे एक बार फिर, फिल्म के माध्यम से  बड़ी-बड़ी बातें करके दर्शको को मूर्ख बनाया जा रहा है ?

सबसे पहली बात तो ये है इस फिल्म में रणबीर कपूर को “ब्रह्मास्त्र की किस्मत का सिकंदर” बताया है। यहां पर सवाल उठता है की क्या इस फिल्म की टीम असल ब्रह्मास्त्र के बारे में भी कुछ जानती है। क्योंकि ब्रह्मास्त्र की अपनी महिमा है। ब्रह्मास्त्र किसी भी इंसान को नहीं मिलता है बल्कि उसे मिलता है जो बहुत तपस्या करता है। रणबीर कपूर, जिन्हें गौ-मांस (Beef) बहुत पसंद है, जिन्होंने सिर्फ फिल्म के दौरान मंदिरों में पूजा करी है। दर्शकों के मुताबिक जिन पर नशे करने के भी इल्जाम लगते हैं। जिनकी कोई तपस्या देखने को नहीं मिलती है। वो किसी ऐसे अस्त्र का सिकंदर कैसे हो सकता है जो सिर्फ बहुत बड़े तपस्वी के पास होता है। रणबीर के किरदार को एक अस्त्र का किरदार तो दिया ही है। इसके अलावा उसे ब्रह्मास्त्र का सिकंदर भी बताया है जिसे देखकर लगता है की ब्रह्मास्त्र को बचाने के लिए रणबीर कपूर की जरूरत पड़ रही  है। अब दर्शकों का सवाल है की आखिर जो व्यक्ति या जो बॉलीवुड भगवान का मजाक बनाता हो। जिनपर नशे का आरोप लगता हो। जिनका गौ-मांस खाने का वीडियो वायरल होता हो वो व्यक्ति कैसे ब्रह्मास्त्र का सिकंदर हो सकता है।

इसके अलावा आपको बता दें इस फिल्म को खूबसूरत बनाने के लिए वीएफएक्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया है। इस फिल्म को ज्यादातर 3डी में बनाया गया है। अक्सर जब आप 3 डी में फिल्म देखते हो तो वो आपके लिए पहले ही महत्वपूर्ण बन जाती है। इस फिल्म को भी उसी वीएफएक्स के सहारे अच्छा बनाने की कोशिश की गई है लेकिन फिल्म की कहानी कहीं खो सी गई है। अभी तक आए ट्रेलर और विज़ुअल्स के माध्यम से हाई वीएफएक्स तो देखने को मिलता है पर कहानी देखने को नहीं मिलती है।

इसके अलावा फिल्म को भले ही पौराणिक कहानियों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा हो लेकिन फिल्म कहीं से भी पौराणिक कहानियों से जुड़ी हुई नहीं लगती है। क्योंकि फिल्म के माध्यम से रणबीर कपूर को ज्यादा प्रदर्शित किया जा रहा है पौराणिक कहानियों के बारे में कुछ भी बताया नहीं जा रहा है। जिसने भी ट्रेलर देखा है उसे रणबीर और आलिया का रोमांस दिख जाता है। उनके बीच होने वाला प्यार मोहब्बत दिख जाता है। रणबीर के किरदार को केंद्र में रखते हुए कहानी देखने को मिलती है पर कहीं भी ईश्वर की शक्ति या उनका बखान करते हुए कहानी नहीं दिख रही है। ऐसा लग रहा है कहानी पूरी तरह से रणबीर के किरदार को बढ़ा चढ़ा कर बताना चाहती है। कुछ दिन पहले फिल्म आई थी कार्तिकेय 2 जिसके हीरो कृष्ण भगवान थे, न की निखिल सिद्धार्थ। अब फिल्म आ रही है ब्रह्मास्त्र, जिसके हीरो हैं रणबीर कपूर। इस फिल्म में हीरो को प्रमुखता दी जा रही है न की भगवान और पौराणिक कथाओं को। क्योंकि अगर उन्हें प्रमुखता दी जाती तो भगवान हीरो होते, न की गौ मांस खाने वाले रणबीर कपूर। जो पहले ही कह चुके हैं की उन्हें गौ मांस पसंद है। लाल मीट पसंद है। 

फिल्म में वीएफएक्स बहुत ज्यादा इस्तेमाल हुए हैं। जिसके कारण एक समय फिल्म देखते देखते दर्शकों का सिरदर्द भी हो सकता है। क्योंकि कहानी दर्शकों से तो कहीं भी जुड़ती है नहीं। लेकिन बहुत ज्यादा साउंड और वीएफएक्स के चलते आपका सिरदर्द करके चली जाती है। ऐसा फिलहाल के विज़ुअल्स और ट्रेलर के माध्यम से लग रहा है। इसके अलावा इस फिल्म के भारी विरोध के बाद भी मेकर्स की तरफ से कोई भी बयान नहीं आया है। कोई भी माफ़ी मांगी नहीं गई है। बल्कि वो दर्शकों का मजाक उड़ाते दिख रहे हैं। ऐसे में दर्शकों ने भी तय किया है की वो इनकी फिल्म को देखने के लिए नहीं जाएंगे।

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