जूता पॉलिश करने वाला बठिंडा का सनी हिंदुस्तानी बना इंडियन आइडल का विजेता, कहा- जनता ने बनाया मुझे देश की आवाज

पंजाब के बठिंडा के जूता पॉलिश करने वाले सनी हिंदुस्तानी ने Indian Idol 11 का Winner बनने के साथ-साथ सिंगिंग से सभी का दिल जीत लिया। गरीब बैकग्राउंड से आने वाले सनी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है।

Avatar Written by: February 24, 2020 4:47 pm

मुंबई। पंजाब के बठिंडा के जूता पॉलिश करने वाले सनी हिंदुस्तानी ने Indian Idol 11 का Winner बनने के साथ-साथ सिंगिंग से सभी का दिल जीत लिया। गरीब बैकग्राउंड से आने वाले सनी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। ऐसे में ये शो जीतने के बाद उनका जीवन भी बदल गया है। वो टी सीरीज की तरफ से एक गाना गाने का मौका भी दिया जाएगा. सनी इस जीत से काफी खुश हैं।

Sunny-Hindustani

बता दें, यह फिनाले शानदार प्रदर्शन से किसी भी तरह कम नहीं था, जहां जज नेहा कक्कड़, हिमेश रेशमिया, विशाल ददलानी और मेजबान हिमेश रेशमिया ने बॉलीवुड चार्टबस्टर्स पर मन मोह लेने वाली प्रस्तुतियों से मंच पर आग लगा दी थी।

Sunny Hindustani Indian Idol

इंडियन आइडल सीजन 11 के विजेता सनी हिंदुस्तानी को 25 लाख रुपये के चेक, एक नई कार टाटा अल्ट्रॉज़ और टीसीरीज की आगामी फिल्म में एक गाने के अनुबंध से सम्मानित किया गया। पहले उपविजेता रोहित राउत जिन्होंने कड़ी प्रतिस्पर्धा दी थी, उनमें से प्रत्येक को 5 लाख रुपये के चेक से सम्मानित किया गया। दूसरी रनर अप अंकोना मुखर्जी को 5 लाख रूपये एक चेक दिया गया। तीसरे और चौथे रनर अप, रिधम और एड्रिज में से प्रत्येक को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की ओर से 3 लाख रुपये का चेक दिया गया। इससे बढ़कर, सभी प्रतिभागियों को विभिन्न गिफ्ट हैम्पर्स सौंपे गए।

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अपनी जीत से बेहद खुस सनी ने कहा, “मैंने पहले दौर से गुजरने के बारे में भी नहीं सोचा था, प्रतियोगिता जीतना तो दूर की बात है। मैंने एक लंबा रास्ता तय किया है और विश्वास नहीं कर सकता कि सफर अभी शुरू हुआ है। इतने बड़े मंच पर गाने का अवसर मिलने से लेकर इस शो को असल में जीतने तक, यह मेरे सभी सपनों, इच्छाओं और प्रार्थनाओं का एक साथ सच होने जैसा है।’

‘मैं मुझे सलाह देने और मेरा मार्गदर्शन करने के लिए जजों का और मुझे संगीत उद्योग के दिग्गजों के सामने प्रदर्शन करने और इतने सारे सितारों से मिलने के लिए एक मंच देने का अवसर देने के लिए सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का आभारी हूं। मैं विश्वास नहीं कर सकता कि पूरे भारत ने मेरी आवाज को सुना और मुझे देश की आवाज बनाने के लिए पूरे दिल से वोट दिया।’

पिता भी करते थे बूट पाॅलिश, जम्‍मू में आई बाढ़ में हो गर्द थी मौत

उसके पिता भी गाते थे, लेकिन ब्याह-शादियों में कुछ खाने के लिए मांगने की खातिर। सनी के परिजनों के अनुसार, उसकी दादी भी गाकर भीख मांगती थीं। मां सोमा देवी भी अब तक गलियों घूम घूम कर गुब्‍बारे बेचती रही हैं। इसके अलावा वह लोगों के घरों से चावल आदि मांगकर घर का गुजारा चलाती रही हैं।

 

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