एक जून से रोजाना चलेंगी 200 नॉन एसी ट्रेनें, जल्द ही शुरू होगी बुकिंग

इन ट्रेनों के चलने से पहले ही रेलवे प्रवासियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है। भारतीय रेल ने मंगलवार को कहा कि एक मई से लेकर अब तक 1,565 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा चुकी हैं और बीस लाख प्रवासियों को वापस घर पहुंचाया जा गया है।

Avatar Written by: May 20, 2020 8:40 am

नई दिल्ली। लॉकडाउन के चलते गैर-प्रांतों में फंसे हुए लोगों की परेशानियों को देखते हुए रेल मंत्रालय ने फैसला किया है कि 1 जून से 200 ट्रेनों को चलाया जाएगा। ये 200 ट्रेनें रोजोना चलेंगी और इसके लिए होने वाली बुकिंग जल्द ही शुरू की जाएगी। मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, रेलवे 1 जून से टाइम टेबल के हिसाब से प्रतिदिन 200 नॉन एसी ट्रेनें चलाएगा, जिसकी ऑनलाइन बुकिंग जल्द शुरू होगी।

indian-railways

आपको बता दें कि इन स्पेशल ट्रेनों के लिए टिकट की बुकिंग सिर्फ ऑनलाइन आईआरसीटीसी वेबसाइट या फिर एप के जरिए होगी। इसके लिए रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटर्स नहीं खोले जाएंगे। इसके अलावा प्लेटफार्म समेत कोई काउंटर टिकट जारी नहीं किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि, ऑनलाइन टिकट और उसका शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। पूरे मामले से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि यात्री ट्रेन लंबी दूरी की होगी जो छोटे शहरों को जोड़ेगी। इसका एक मुख्य मकसद अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए प्रवासियों के जल्द ट्रांसपोर्ट सुविधा देना है।

प्रवासी मजदूरों को लेकर रेल मंत्री ने कहा, “राज्य सरकारों से आग्रह है कि श्रमिकों की सहायता करे तथा उन्हें नजदीकी मेनलाइन स्टेशन के पास रजिस्टर कर,लिस्ट रेलवे को दे,जिससे रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाये। श्रमिकों से आग्रह है कि वो अपने स्थान पर रहें, बहुत जल्द भारतीय रेल उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देगा।”

indian-railways

हालांकि इन ट्रेनों के चलने से पहले ही रेलवे प्रवासियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है। भारतीय रेल ने मंगलवार को कहा कि एक मई से लेकर अब तक 1,565 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा चुकी हैं और बीस लाख प्रवासियों को वापस घर पहुंचाया जा गया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा कि उत्तर प्रदेश ने 837, बिहार ने 428 और मध्य प्रदेश ने सौ से अधिक ट्रेनों को अनुमति दी। सोमवार रात तक 162 ट्रेन रास्ते में थीं और 1,252 अपने गंतव्य पर पहुंच चुकी थीं।