बिहार में बाढ़ : 14 जिलों में प्रकोप, लगभग 50 लाख आबादी प्रभावित

उत्तर बिहार में शनिवार को भी बाढ़-कटाव का संकट घटता नहीं दिखा। बाढ़ के कारण छपरा-मुजफ्फरपर एनएच 722 पर आवागमन को बंद करा दिया गया है।

Written by: August 2, 2020 8:23 am

नई दिल्ली। बिहार में बाढ़ का प्रकोप कुछ ऐसा है कि राज्य के 14 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इन जिलों के बाढ़ की चपेट में आने से लगभग 50 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। बचाव कार्य को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रडु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं।

Bihar Flood

बता दें कि बिहार में बाढ़ ने ऐसा तांडव मचाया है कि, राज्य के 14 जिलों के 112 प्रखंडों की 1043 पंचायतों की 49 लाख 50 हजार आबादी प्रभावित है। रामचंद्रडु ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित एक लाख 94 हजार परिवारों के खाते में छह-छह हजार की सहायता राशि भेज दी गई है। भुगतान की गई कुल राशि 116 करोड़ है। शेष प्रभावित परिवारों के खाते में भी शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी। राज्य के विभिन्न जिलों में 1340 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब नौ लाख लोग भोजन कर रहे हैं।

Bihar Flood pic

विभिन्न जिलों में 19 राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां पर 27 हजार लोगों को रखा गया है और उन्हें जरूरी सामान मुहैया काराए जा रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सीवान और मधुबनी शामिल हैं।

उधर उत्तर बिहार में शनिवार को भी बाढ़-कटाव का संकट घटता नहीं दिखा। बाढ़ के कारण छपरा-मुजफ्फरपर एनएच 722 पर आवागमन को बंद करा दिया गया है। वहीं मोतिहारी में एसएच 74 पर भी पानी के कारण आवागमन ठप है। मुजफ्फरपुर में बाया नदी में उफान के कारण एक दर्जन नई पंचायतों में पानी घुस गया है। दरभंगा के केवटी में महाराजी बांध टूटने से सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। चंपारण में लौरिया की भी स्थिति अभी भी खराब है। छपरा होते हुए मुजफ्फरपुर आने के रास्ते में मकेर में एनएच 722 पर पानी चढ़ गया है। इस कारण अब छपरा से मुजफ्फरपुर आने के लिए लोगों के पास हाजीपुर जाकर फिर लौटने का ही विकल्प बचा है। गोपालगंज का पानी मकेर में एनएच पर चढ़ा है।

Bihar Flood water

वहीं मोतिहारी के केसरिया में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नगर पंचायत सहित प्रखंड के दर्जन भर पंचायत बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं स्टेट हाइवे 74 पर बच्चा प्रसाद सिंह कॉलेज के पास सड़क पर चार फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बाधित है। वहीं सीतामढ़ी में भी बागमती व अधवारा समूह की नदियां खतरे के निशान से ऊपर होने के बावजूद स्थिर हैं। गंडक, बूढ़ी गंडक व बागमती के जलस्तर में भी कई मीटरगेज पर स्थिरता दर्ज की गई।