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अडानी के ‘अधिग्रहण’ के बीच NDTV पोर्टल ने चलाया ‘महिला लिबिडो’ संबंधित कंटेट तो ट्वीटर पर लोगों ने की खिंचाई

जरा ध्यान से अपनी आंखों को थोड़ा बड़ी करते हुए पूरे होश हवास में देखिए कि एनडीटीवी की न्यूज वेबसाइट में क्या लिखा हुआ है। अंग्रेजी में लिखा हुआ है कि Best Female Libido in 2022 ये अंग्रेजी में लिखा हुआ है। इसका जरा हिंदी रूपातंरण करते हैं। तो इसका हिंदी में अर्थ होता है कि 2022 में सर्वश्रेष्ठ महिला कामेच्छा।

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नई दिल्ली। कभी नैतिक पत्रकारिता तो कभी सच्ची पत्रकारिता तो कभी सिद्धांतवादी पत्रकारिता के नाम पर अपने ज्ञान की दरिया बहाने वाले देश-दुनिया के जाने माने पत्रकार रविश कुमार शायद खुद अपने संस्थान एनडीटीवी की वेबसाइट पर तैर रही खबरों पर नजर नहीं दौड़ाते हैं। अगर दौड़ाएंगे तो उन्हें पता चल जाएगा कि आखिर उनके ही संस्थान की वेबसाइट पर किस तरह और किस अंदाज में खबरों को परोसा जा रहा है। यकीन मानिए साहब…अगर आपको पता लग गया ना कि एडीटीवी की बेसाइट पर किस अंदाज में खबरों की दरिया बहाई जा रही है, तो आप पूरी बेबाकी से यह कहने से नहीं हिचकेंगे कि आखिर रविश जी जो दरिया आप हर जगह सिद्धांतवादी पत्रकारिता के नाम पर बहाए फिरते हैं, वो दरिया पहले अपने संस्थान के पत्रकारों के बीच में क्यों नहीं बहाते हैं। अब आप इतना सब कुछ पढ़ने के बाद मन ही मन सोच रहे होंगे कि आखिर माजरा क्या है कि आप इस तरह की रोषत्माक भूमिका रचाए जा रहे हैं, जरा कुछ खुलकर बताएंगे। चलिए, अब आपको पूरा माजरा तफसील से बताते हैं।

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जानें पूरा माजरा

जरा ध्यान से अपनी आंखों को थोड़ा बड़ी करते हुए पूरे होश हवास में देखिए कि एनडीटीवी की न्यूज वेबसाइट में क्या लिखा हुआ है। अंग्रेजी में लिखा हुआ है कि Best Female Libido in 2022 ये अंग्रेजी में लिखा हुआ है। इसका जरा हिंदी रूपातंरण करते हैं। तो इसका हिंदी में अर्थ होता है कि 2022 में सर्वश्रेष्ठ महिला कामेच्छा। तो ये खबर एनडीटीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है, जिसे अंकुर सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने साझा कर एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार से सवाल किया है। बता दें कि अंकुर ने ट्वीट कर सवाल दागा है कि आखिर ये है एनडीटीवी की पत्रकारिता। उन्हें भुगतान करें और वे कुछ भी बढ़ावा देंगे। रवीश कुमार को ऐसी पत्रकारिता से कोई दिक्कत नहीं है?

बहरहाल, अब इस सवाल का जवाब कोई और नहीं, बल्कि रविश कुमार ही दें पाएंगे, जो कि सिद्धांतवादी पत्रकारिता के नाम की दरिया बहाने में किसी भी प्रकार का संकोच नहीं करते हैं। लेकिन जरा इस बात का ध्यान रहे कि रविश कुमार की शैली को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया पर अभी इस ट्वीट को लेकर प्रतिक्रियाओं का बाजार गुलजार हो चुका है। एनडीटीवी की पत्रकारिता को लेकर मुख्तलिफ किस्म की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है। चलिए, अब हम आपको भी कुछ प्रतिक्रियाएं दिखाते हैं। बहरहाल, ये तो रही लोगों की प्रतिक्रियाएं।


लेकिन आपका बतौर पाठक इस पूरे मसले पर क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा। तब तक के लिए आप देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरों से रूबरू होने के लिए पढ़ते रहिए। न्यूज रूम पोस्ट.कॉम

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