New CDS of India: बालाकोट एयर स्ट्राइक में अहम भूमिका अदा करने वाले अनिल चौहान को सरकार का बड़ा तोहफा, CDS बनाकर सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

New CDS of India: बता दें कि 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद इंडिया ने 26 फरवरी की पाकिस्तान से बदला लेने के देर रात एयर स्ट्राइक की थी जिसमें बालाकोट में स्थित जैश के आतंकी कई ठिकानों को तबाह कर दिया था। भारतीय वायुसेना के इस एयर स्ट्राइक में जैश के 200 से अधिक आतंकी मारे गए थे। जिसका कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई थी।

Avatar Written by: September 28, 2022 9:54 pm

नई दिल्ली। भारत सरकार ने आज लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल चौहान (Lt General Anil Chauhan) को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS नियुक्त कर दिया है। इसके अलावा वह भारत सरकार में सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी काम करेंगे। बुधवार को इसकी जानकारी रक्षा मंत्रालय ने दी है। आपको बता दें कि तमिलनाडु में एक हेलीकाप्टर क्रैश होने के चलते जनरल बिपिन राव (General Bipin Rawat) का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से ही सीडीएस का अहम पद लंबे वक्त से खाली पड़ा हुआ था। लेकिन आज भारत सरकार ने नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का ऐलान कर दिया। बता दें कि दिवंगत जनरल बिपिन रावत की तरह अनिल चौहान भी उत्तराखंड से ताल्लुक रखते है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल चौहान उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं। अनिल चौहान को देश का नया सीडीएस नियुक्त किए जाने के बाद उत्तराखंड के लोगों में खुशी का माहौल है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक में अहम भूमिका अदा करने वाले अनिल चौहान को सरकार का बड़ा तोहफा-

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल चौहान ने बालाकोट एयर स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाई थी। वो भारत-पाक बॉर्डर पर तनातनी बढ़ने के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक की योजना बनाने में भी शामिल थे। बता दें कि 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद इंडिया ने 26 फरवरी की पाकिस्तान से बदला लेने के देर रात एयर स्ट्राइक की थी जिसमें बालाकोट में स्थित जैश के आतंकी कई ठिकानों को तबाह कर दिया था। भारतीय वायुसेना के इस एयर स्ट्राइक में जैश के 200 से अधिक आतंकी मारे गए थे। जिसका कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई थी

जानिए कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल चौहान-

बता दें कि अनिल चौहान का जन्म 18 मई को 1961 में हुआ था। वह पहली बार वर्ष 1981 में इंडियन आर्मी की 11 गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए थे। वह नेशनल डिफेंस अकेडमी (NDA), खडकवासला और इंडियन मिलिट्री अकेडमी (IMA) देहरादून के पूर्व स्टूडेंट रह चुके हैं। उन्होंने चालीस साल तक आर्मी में रहे हैं।