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Badruddin Ajmal On Muslims: ‘सबसे ज्यादा अपराधी मुस्लिम दिखते हैं’ कहकर विवाद में घिरे असम के सांसद बदरुद्दीन अजमल, सफाई में बोले- मैं पढ़ाई का महत्व बता रहा था

बदरुद्दीन अजमल ने अपनी सफाई मे ये भी कहा कि इस्लाम कहता है कि अगर हम बाजार गए हैं, तो नजरें झुकी होनी चाहिए। अगर लड़कियों को बुरी नजर से देखें, तो ये भी पता होना चाहिए कि खुद के घर में मां और बहनें हैं। सांसद ने कहा कि ऐसा सोचेंगे, तो कभी दिमाग में खराब और बुरे ख्याल नहीं आएंगे।

नई दिल्ली। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईडीयूएफ) के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल 8 दिन पहले के एक बयान से विवाद में आए, तो अब सफाई में कहा है कि उन्होंने गलत नहीं कहा और शिक्षा का महत्व बता रहे थे। हुआ ये कि असम के गोआलपाड़ा में एक कॉलेज की एल्यूमनाई मीटिंग में 20 अक्टूबर को बदरुद्दीन अजमल ने मुस्लिमों में अशिक्षा को बढ़ रही अपराध की घटनाओं से जोड़ा था। बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि हमारे बच्चों के पास स्कूल और कॉलेज जाने का वक्त नहीं है। उनके पास जुआ खेलने और दूसरों से धोखाधड़ी करने का वक्त है। सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि ऐसी सभी गलत चीजों के लिए खुद से पूछना जरूरी है कि कौन इसमें शामिल है। उन्होंने कहा था कि दुख की बात है कि ऐसा करने वाले मुसलमान है। सुनिए बदरुद्दीन अजमल ने अपने बयान में मुस्लिमों और अपराध के बारे में क्या कहा था।

बदरुद्दीन अजमल ने कॉलेज की एल्युमनाई मीटिंग में कहा था कि लोग चांद-सूरज पर जा रहे हैं और हम पीएचडी कर रहे हैं कि जेल कैसे जाएं। बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि थाने जाएंगे, तो आपको पता चलेगा कि सबसे ज्यादा अब्दुर्रहमान, अब्दुर रहीम, अब्दुल मजीद, सिराजुद्दीन, बदरुद्दीन फखरुद्दीन वहां हैं। क्या ये दुख की बात नहीं है? बदरुद्दीन अजमल ने अब इंडिया टुडे को अपने इस बयान के बारे में सफाई दी है। बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि उन्होंने दुनिया में मुस्लिम समुदाय के बीच शिक्षा की कमी देखी। उनको दुख होता है कि मुस्लिम बच्चे पढ़ते नहीं है। वे उच्च शिक्षा के लिए भी नहीं जाते और यहां तक कि मैट्रिक यानी 10वीं तक भी नहीं पढ़ाई करते। अपनी सफाई में बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि मुस्लिम लड़के कहते हैं कि लड़कियों को देखकर उनका खून खौलता है। सांसद ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई का महत्व समझाने के लिए बयान दिया था। हालांकि, आईएएनएस से बातचीत में वो अपने बयान पर कायम रहने की बात कर रहे हैं।

बदरुद्दीन अजमल ने अपनी सफाई मे ये भी कहा कि इस्लाम कहता है कि अगर हम बाजार गए हैं, तो नजरें झुकी होनी चाहिए। अगर लड़कियों को बुरी नजर से देखें, तो ये भी पता होना चाहिए कि खुद के घर में मां और बहनें हैं। सांसद ने कहा कि ऐसा सोचेंगे, तो कभी दिमाग में खराब और बुरे ख्याल नहीं आएंगे। पहली बार किसी मुस्लिम नेता ने माना है कि अपराध करने वालों में मुस्लिमों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मुसलमानों में शिक्षा की कमी है। हालांकि, अपराध में मुस्लिमों का ज्यादा हाथ बताकर बदरुद्दीन अजमल अपने समुदाय के बीच विवाद की वजह भी बन गए। अब उनकी सफाई आई है और उम्मीद है कि बदरुद्दीन अजमल की बात सुनकर उनका समुदाय जरूर विचार करेगा कि सांसद ने सही बात ही कही थी।