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Haryana: 2024 से पहले नायब सिंह सैनी को हरियाणा की कमान सौंपकर BJP ने चला तुरुप का इक्का, जानें कितना होगा सफल?

Haryana: राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो 2020 में हुए किसान आंदोलन और 2023 में पहलानों के आंदोलन की वजह से सरकार के विरोध में बने सियासी माहौल को ध्यान में रखते हुए नायब सिंह पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।

नई दिल्ली। भूमिका बाद में बनाते रहेंगे। फिलहाल मुद्दे पर आते हैं, तो इस साहब का नाम है नायब सिंह सैनी। बीजेपी को इन पर कितना भरोसा, विश्वास और उम्मीद है। इस बात का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि कल राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन्हें हरियाणा बीजेपी का प्रदेश अध्य़क्ष बनाया। जिस पर इन्होंने भी पार्टी का आभार प्रकट किया। इनके लंबे राजनीतिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इन पर भरोसा जताया। अब इनका अनुभव क्या है? आइए, ज़रा ये भी जान लेते हैं।

कैसा रहा है अब तक का सफरनामा? 

पहले जरा वर्तमान की बात कर लेते हैं, तो अभी ये कुरुक्षेत्र से सांसद हैं। 2014 में इन्होंने अंबाला जिले की नारायणगढ़ सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। जिसके बाद इन्हें खट्टर सरकार ने मंत्री बनाया। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने इन्हें कुरुक्षेत्र से टिकट थमाया। जिसमें इन्होंने जीत दर्ज की । इन्हें 6 लाख 88 हजार 629 वोट मिले थे। इन्होंने अपने प्रतिद्विंदी व कांग्रेस नेता निर्मल सिंह को चुनावी मैदान में पटखनी दी थी। निर्मल सिंह को 3 लाख 4 हजार 38 मत मिले थे।

पार्टी ने क्यों बनाया प्रदेश अध्य़क्ष

आगामी लोकसभा सहित मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी है। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो 2020 में हुए किसान आंदोलन और 2023 में पहलानों के आंदोलन की वजह से सरकार के विरोध में बने सियासी माहौल को ध्यान में रखते हुए नायब सिंह पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। 2024 के चुनाव से पहले जाटलैंड की नाराजगी को दूर करने नायब सिंह पार्टी के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। इसके अलावा ओबीसी समुदाय को साधने की दिशा में भी नायब सिंह सैनी पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

धनखड़ की कमान संभालेंगे नायब सिंह सैनी

बता दें कि नायब सिंह सैनी ओम प्रकाश धनखड़ की जगह लेंगे। धनखड़ का कार्यकाल खत्म हो चुका है। 2024 के चुनाव से पहले नायब सिंह सैनी को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जो तुरुप का इक्का चलने की कोशिश की है, वो पार्टी के लिए कितना सफल साबित हो पाता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।