
नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस हो रही है। बिल को लेकर पार्टियां अपना-अपना पक्ष रख रही हैं। वहीं जैसा कि पहले से ही क्लियर था, बीजेपी की सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी और जनता दल यूनाईटेड ने भी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। आंध्र प्रदेश से टीडीपी सांसद कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने कहा, इस विधेयक को आकार देने में टीडीपी की भूमिका मुस्लिम और अल्पसंख्यक कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारी पार्टी के गठन के बाद से अल्पसंख्यकों का कल्याण सुनिश्चित करना हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
टीडीपी सांसद ने कहा कि वक्फ संपत्तियां मुसलमानों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। टीडीपी द्वारा सुझाए गए तीन बदलाव विधेयक में शामिल हैं। उनका यह भी कहना है कि मुसलमान समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी रक्षा की जानी चाहिए। टेनेटी ने कहा कि अल्पसंख्यक अधिकारों के प्रति टीडीपी की प्रतिबद्धता के मद्देनजर, नियमों को तैयार करने में वक्फ बोर्डों की संरचना तय करने में राज्य सरकारों को कुछ छूट दी जानी चाहिए।
Watch: Union Minister Rajiv Ranjan Singh (Lalan Singh) says, “The discussion is ongoing on the Waqf (Amendment) Bill 2025, and from the very beginning, efforts have been made to create an atmosphere suggesting that this bill is anti-Muslim. This narrative has been built not just… pic.twitter.com/OFca3uCIpE
— IANS (@ians_india) April 2, 2025
वहीं जेडीयू के सांसद और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा, वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर शुरू से ही ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई है कि यह विधेयक मुस्लिम विरोधी है। यह नैरेटिव आज से नहीं, बल्कि जब से यह बिल इस सदन में पेश हुआ है, तब से लेकर जेपीसी के पास जाने से पहले से ही बनाया जा रहा है। पूरे देश को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, यह दावा करके कि यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है। लेकिन क्या यह वाकई मुसलमानों के खिलाफ है? बिलकुल नहीं। वक्फ क्या है? क्या यह मुसलमानों की संस्था है? नहीं, वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करने के लिए बनाया गया है। उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए वो मुसलमान समुदाय के हर वर्ग के साथ न्याय करे, जो नहीं हो रहा है।