
नई दिल्ली। कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर उस याचिका पर आज सुनवाई हुई जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किए जाने की मांग की थी। अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया हालांकि पुलिस को निर्देश दिया है कि याचिका पर फैसला आने तक उन्हें गिरफ्तार ना किया जाए। अपने एक शो के दौरान महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहने के बाद कुणाल कामरा विवादों में घिरे और इसी मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इससे पहले याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था और कामरा की गिरफ्तारी पर 17 अप्रैल तक रोक लगाई थी।
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— Live Law (@LiveLawIndia) April 16, 2025
कुणाल कामरा ने अदालत से कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं इसके बावजूद मुंबई पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने का दबाव बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के 75 साल के बाद भी पुलिस मौलिक अधिकारों से अनभिज्ञ है। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने भी कुणाल कामरा को 17 अप्रैल तक गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था। कुणाल कामरा मामले में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इस प्रकार कॉमेडी के नाम पर किसी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के दि हैबिटेट स्टूडियो में तोड़फोड़ कर दी थी जहां कुणाल कामरा के शो की शूटिंग हुई थी। शिवसेना के कई नेता कुणाल कामरा को अंजाम भुगतने की धमकी भी दे चुके हैं। इस पूरे विवाद को लेकर कुणाल कामरा ने भी अपने एक पोस्ट लिखा था कि वो धमकी से डर कर चुप रहने वालों में नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वो सिर्फ अदालत के कहने पर माफी मांग सकते हैं। मुंबई पुलिस उन्हें कई बार पूछताछ के लिए उपस्थित होने का भी समन भेज चुकी है।