भूमिपूजन के बाद शुरू हुआ भव्य राम मन्दिर निर्माण का कार्य, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने की ये अपील

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि, “आप अपना पैसा सीधे तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अकाउंट में ट्रांसफर करा सकते हैं।”

Avatar Written by: August 12, 2020 3:41 pm

नई दिल्ली। भूमि पूजन के बाद अब राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। मंदिर निर्माण में सहयोग करने के लिए श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी श्रीराम भक्तों से आह्वान करते हुए कहा है कि यथाशक्ति व यथासंभव दान करें। बता दें कि मंदिर निर्माण के लिए पीएम मोदी ने 5 अगस्त को अयोध्या जाकर मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था।

Ayodhya Bhumi Poojan

मंदिर निर्माण कार्य प्रारम्भ होने की जानकारी देते हुए श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आह्वान करते हुए कहा कि, “भाईयों  और बहनों, पीएम मोदी द्वारा भूमि पूजन कर दिया है। करोड़ों परिवारों में भूमि पूजन टीवी पर देखा। अनेकों के मन में भाव जगा ही होगा कि हम भी मंदिर के निर्माण में अपना आर्थिक योगदान दें।”

ram Janm bhumi Mandir Bank Acount Detail

उन्होंने कहा कि, “आप अपना पैसा सीधे तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अकाउंट में ट्रांसफर करा सकते हैं।” उन्होंने बताया कि ट्रांसफर कराने की सारी जानकारी रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर उपलब्ध होंगी।

राम मंदिर का जीवन काल 1 हजार साल का होगा : चंपत राय

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का डिजाइन कुछ इस तरह से किया गया है, जिससे ये करीब 1,000 वर्षों तक सलामत रहेगा है। साथ ही अधिक तीव्रता वाले भूकंप में ही इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, “नींव के खंभे मजबूत और गहरे होंगे, जो ऊपर के विशालकाय पुलों को पकड़े रहेंगे, इससे संरचना मजबूत और भूकंप प्रतिरोधी बनेगी।”

Champat rai

अयोध्या में कारसेवकपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर हजारों वर्षों तक किसी भी प्राकृतिक आपदा का सामना करने में सक्षम होगा। डिजाइन का विवरण जल्द ही तैयार हो जाएगा। राय ने आगे कहा कि सदियों पुराने अवशेषों सहित मंदिर स्थल की खुदाई और समतलन के दौरान सामने आई सभी कलाकृतियों का प्रदर्शन मंदिर परिसर में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर का अंतिम नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा पारित किया जाएगा और अपेक्षित शुल्क का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम शुल्क में कोई छूट नहीं मांग रहे हैं।’

राय ने कहा कि ट्रस्ट के खाते में वर्तमान में 42 करोड़ रुपये का बैलेंस है और यह 1 रुपये से 1 करोड़ रुपये तक के दान से प्राप्त हुआ है। एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मंदिर के आंदोलन में पूरे भारत से करीब 20,000 संतों ने भाग लिया और सभी को आमंत्रित करना संभव नहीं था। हम अयोध्या के बाहर के 90 संत और मंदिर के शहर से सिर्फ 52 संतों को ही निमंत्रण भेज सकते थे।”