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Congress: कांग्रेस ने पीड़ितों के परिजनों के जख्मों पर छिड़का नमक, मदद के नाम पर दिया चेक हुआ बाउंस, छलका परिवारजनों का दर्द

Lakhimpur Kheri Rape Murder Case : उधर, योगी सरकार भी मसले को लेकर एक्शन में आ गई। पुलिस ने मामले में संल्पित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। मात्र 14 दिनों के दरम्यान पुलिस ने आरोपपत्र भी दाखिल किया। जिसमें मामले को लेकर पूरा ब्योरा भी दर्ज था।

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नई दिल्ली। चलिए मान लिए कि आप राजनीतिक पार्टी हैं, तो राजनीति करेंगे ही। सात दशकों से तो करते ही आ रहे हैं आप। हमें तो आपसे कोई आपत्ति रही नहीं, लेकिन अब हो रही है, क्योंकि अब आप अपनी हदों को पार कर रहे हैं। अब आप हमारी भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। लिहाजा लाजिमी रहेगा कि अपनी हरकतों को सुधार लीजिए अन्यथा आपको हमें याद दिलाना पड़ेगा कि जिस देश में आप रह रहे हैं, वहा लोकतंत्र है और लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। जनता अगर आपको सिरमौर बना सकती है, तो वही जनता आपको उखाड़ भी सकती है। अब आप बतौर पाठक इतना सबकुछ पढ़ने के बाद मन ही मन सोच रहे होंगे कि आखिर माजरा क्या है कि आप इस तरह से सियासी दलों पर भड़क रहे हैं? जरा कुछ खलकर बताएंगे तो चलिए अब हम आपको सबुकछ तफसील से बताते हैं।

चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है

दरअसल, इस पूरे माजरे को समझने के लिए आपको चलना होगा हमारे साथ सूबा यूपी और जिला लखीमपुरी खीरी। तारीख थी 14 सितंबर 2021। जब खबर आई थी कि पेड़ पर दो दलित बहनों का शव लटका हुआ मिला है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलितों को लेकर सियासत करने की रवायत पुरानी रही है। उधर, जैसे ही यह खबर प्रकाश में आई तो सूबे की सियासत में भूचाल आ गया। उन दिनों प्रदेश में चुनाव भी होने थे। ऐसी स्थिति में मुख्तलिफ सियासी दलों द्वारा राजनीतिक रोटियां सेंकना लाजिमी था।

वहीं, योगी सरकार भी मसले को लेकर एक्शन में आ गई। पुलिस ने मामले में संल्पित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा दिया। मात्र 14 दिनों के दरम्यान पुलिस ने आरोपपत्र भी दाखिल किया। वहीं सरकार ने पीड़ितों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया था। जिसके बाद विभिन्न दलों के सियासी भी सियासत में करने में जट गुए। कांग्रेस से लेकर सपा, बसपा सहित अन्य दल पीड़िता परिजनों के समक्ष जाकर साहनुभूति का ढोंग रचने लगे। किसी ने कुछ ऐलान कर दिया तो किसी ने कुछ। लेकिन मामले में सभी राजनीतिक पार्टियों की पोल खुलकर सामने आ रही है। जिसके बारे में हम आपको आगे बताने जा रहे हैं।

दरअसल, पीड़िता के परिजनों की सहायता के लिए कांग्रेस ने 2 लाख और नवनिर्माण सेना ने 1 लाख के चेक का ऐलान किया था। लेकिन, अब खबर है कि जैसे ही पीड़िता के परिजनों ने बैंक में चेक लगाया तो बाउंस हो गया। जिसे लेकर पीड़िता के परिजनों ने कांग्रेस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उन्हें जख्मों को नहीं भर सकती है, तो भला उस पर नमक क्यों छिड़क रही है। आखिर ऐसा कांग्रेस क्यों कर रही है। आपको बता दें कि जिस वक्त यह पूरा माजरा प्रकाश में आया था, उस वक्त प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने थे, जिसे ध्यान में रखते हुए इन दलों द्वारा सियासी रोटियां सेंकने लाजिमी था। लेकिन, सियासत की आड़ में जिस तरह की बेहुदगी की गई है, उसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। बहरहाल, बतौर पाठक आपका उपरोक्त मसले पर क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा।

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