Uttar Pradesh में बनेगा पहला डाटा सेंटर, सीएम योगी ने लगाई परियोजना पर मुहर

UP Data Center: इस डाटा सेंटर(Data Center) का निर्माण करने वाली हीरानंदानी ने मुंबई(Mumbai), चेन्नई व हैदराबाद में भी इस तरह के डाटा सेंटर स्थापित किए हैं। इसके अलावा डाटा सेंटर के क्षेत्र में निवेश के लिए इसमें रैक बैंक, अडानी समूह व अर्थ कंपनियों ने 10000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव यूपी सरकार को  दिया है।

Avatar Written by: October 24, 2020 7:25 pm
CM Yogi Security

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पहला डाटा सेंटर बनाने जा रही है। जिसके लिए 600 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस परियोजना को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी भी दे दी है। बता दें कि इस डाटा सेंटर पार्क को मुंबई का हीरानंदानी समूह बनेगा। यह सेंटर ग्रेटर नोएडा में 20 एकड़ जमीन पर बनेगा। वहीं इस परियोजना से यूपी व अन्य जगह काम कर रही आईटी कंपनियों को अपना कारोबार करने में खासी मदद मिलेगी। यूपी में बनने वाला यह डाटा सेंटर अपने आप में खास किस्म का पहला डाटा सेंटर होगा। बता दें कि इस डाटा पार्क के लिए जमीन का भी बंदोबस्त हो गया है। वहीं इस डाटा सेंटर का निर्माण करने वाली हीरानंदानी ने मुंबई, चेन्नई व हैदराबाद में भी इस तरह के डाटा सेंटर स्थापित किए हैं। इसके अलावा डाटा सेंटर के क्षेत्र में निवेश के लिए इसमें रैक बैंक, अडानी समूह व अर्थ कंपनियों ने 10000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव यूपी सरकार को  दिया है।

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मिलेगी ओपेन एक्सेस से बिजली

बता दें कि चूंकि डाटा सेंटर के लिए बिजली की खपत काफी ज्यादा होती है। इसलिए इन्हें ओपेन एक्सेस से बिजली दी जाएगी। अभी हमारे यहां तमाम तरह के डाटा विदेशों में रखे जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कुछ समय से देश भर में इस तरह के डाटा सेंटर बनाने की  योजना है। यूपी सरकार डाटा सेंटर के सेक्टर में व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इसके लिए नीति बना रही है।

Data Center

क्या है डाटा सेंटर

डाटा सेंटर को लेकर बात करें तो डाटा सेंटर नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर सर्वर का एक बड़ा समूह है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में डाटा के भंडारण, प्रोसेसिंग व डिस्ट्रीब्यूशन के लिए कंपनियों द्वारा उपयोग किया जाता है। यूपी  में सोशल मीडिया प्लेटफार्म मसलन फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब  आदि के करोड़ों उपभोक्ता हैं और इन उपयोग कर्ताओं से जुड़ा डाटा सुरक्षित रखना महंगा व मुश्किल काम रहता है। इसके अलावा बैंकिंग, रिटेल व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा, पर्यटन के अलावा आधार कार्ड आदि का डाटा भी खासा अहम है।