DRDO: कोरोना की दवा बनाने वाले डीआरडीओ के डॉक्टर निकले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शिष्य, सुनिए क्या कहा?

DRDO: राजनाथ सिंह के बारे में यह जानकारी तब लोगों को चौंका गई जब आज डीआरडीओ की तरफ से कोरोना के किलाफ जंग में एक दवा को लॉन्च किया जा रहा था। उस कार्यक्रम में तब अचानक सब आश्चर्यचकित हो गए जब डीआरडीओ के सीनियर डॉक्टर एके मिश्रा ने मंच से कह दिया कि यहां मंच पर मेरे शिक्षक बैठे हैं।

Avatar Written by: May 17, 2021 8:57 pm

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कभी किसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी होंगे यह कम लोगों को ही पता होगा। भारतीय जनता पार्टी में रहकर यूपी के मुख्यमंत्री, भाजपा के अध्यक्ष, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री, गृहमंत्री और अब रक्षा मंत्री जैसे ओहदे पर रहनेवाले राजनाथ सिंह के बारे में यह जानकारी तब लोगों को चौंका गई जब आज डीआरडीओ की तरफ से कोरोना के किलाफ जंग में एक दवा को लॉन्च किया जा रहा था। उस कार्यक्रम में तब अचानक सब आश्चर्यचकित हो गए जब डीआरडीओ के सीनियर डॉक्टर एके मिश्रा ने मंच से कह दिया कि यहां मंच पर मेरे शिक्षक बैठे हैं। जो अभी देश के रक्षामंत्री हैं और इन्होंने मुझे भौतिकी विज्ञान की शिक्षा दी है। उसी का नतीजा है कि आज में यह सेवा देश को दे पा रहा हूं।

Mirzapur College Rajnath Singh

भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के राजनीतिक कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के बाद वे ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पार्टी की कमान दो बार संभाली है। 10 जुलाई, 1951 को बनारस के चंदौली में जन्मे राजनाथ ने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से भौतिकी विषय में प्रोस्‍ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। सिंह एक कुशल प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। राजनीति में आने से पहले राजनाथ सिंह मिर्जापुर के कालेज में प्रोफेसर की नौकरी करते थे। मिर्जापुर के कॉलेज में प्रोफेसर रहे हैं। 1971 में केबी डिग्री कॉलेज के वे प्रोफेसर चुने गए। इमरजेंसी के दौरान कई महीनों तक जेल में बंद रहने वाले राजनाथ सिंह को 1975 में जन संघ ने मिर्जापुर जिले का अध्‍यक्ष बनाया। 1975 में जेपी आंदोलन के जिला संयोजक भी नियुक्त किया गया। 1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक बनकर आए। वह अटल बिहारी वाजपेयी के बाद यूनाइटेड नेशन में हिंदी में वक्तव्य देने वाले दूसरे नेता बने।


एके मिश्रा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि इस समय मेरे लिए उत्साह दोगुना है। एक प्रसंग है गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागूं पांय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताया। उन्होंने इसके बाद कहा कि इस बात को उन्होंने इसलिए कहा क्योंकि यहां मंच पर देश के रक्षा मंत्री प्रोफेसर राजनाथ सिंह जी मौजूद हैं। जो मेरे गुरु रहे हैं। मिर्जापुर के K B P G कॉलेज में वह प्रोफेसर थे तब मैं उनका छात्र रहा था और उनसे भौतिक विज्ञान की शिक्षा ली थी। उन्होंन कहा कि ये उनकी दी हुई धरोहर है जो उनके समक्ष प्रस्तुत की है।


एके मिश्रा ने आगे कहा कि डीआरडीओ की इस दवाई को हर तरह के मरीज को दिया जा सकता है। हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीज़ हो या गंभीर मरीज, सभी को इस दवाई को दी जा सकेगी। बच्चों के इलाज में भी ये दवा कारगर होगी। हालांकि उन्होने कहा कि बच्चों के लिए इस दवा की डोज़ अलग होगी।

कोरोना के खिलाफ जंग में मिला एक और हथियार, DRDO की बनाई कोविड की दवा 2-DG लॉन्च

भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर जारी है। हालांकि राहत की बात ये है कि अब देश में कोरोना की दूसरी लहर थोड़ी हल्‍की होती हुई दिखाई दे रही है। सोमवार को देश में पिछले 24 घंटे में 3 लाख से कम नए कोरोना केस सामने आए हैं, जबकि एक दिन में इस महामारी की चपेट में आने से 4,106 लोगों ने अपनी जान गवाई है। इस बीच कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को एक और हथियार मिल गया है।दरअसल कोरोना के खिलाफ जंग में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित कोरोना की दवा 2-डीजी सोमवार को लॉन्च की गई।

Anti-COVID drug 2DG

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने डीआरडीओ की एंटी कोविड दवा 2DG की पहली खेप लॉन्च की। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन (Union Health Minister Dr Harsh Vardhan) और एम्स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे।

इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने कहा कि आज का दिन सुखद इसलिए भी है क्योंकि आज नए मामलों से एक लाख ज़्यादा रिकवरी हुई है। मई के महीने में आज का दिन हम सबके लिए सबसे ज़्यादा सुखद दिन है। हम एक साल से ज़्यादा समय से कोविड की जंग लड़ रहे हैं। रक्षा क्षेत्र के आउटकम के तहत ये हमारी पहली स्वदेशी दवा है, ये कोविड वायरस के प्रकोप को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कम करने की पूरी क्षमता रखती है।

बता दें कि इस दवा का नाम 2-डीऑक्सि-डी-ग्लूकोज (2-DG) है। कोरोना की देसी दवा 2-डीजी  पाउडर के रूप में पैकेट में आती है और इसे पानी में घोल कर पीना होता है।

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