मनी लॉन्ड्रिंग केस में तलाशी की आंच पहुंची शिवसेना MLA के घर, इस विधायक के बेटे को साथ ले गई ED

ED Raid: संजय राउत(Sanjay Raut) ने भाजपा(BJP) पर हमला बोलते हुए कहा कि- “अगर किसी को लगता है कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर सरकार बना सकते हैं तो उनकी सोच गलत है।

Avatar Written by: November 24, 2020 2:06 pm
Shivsena MLA Son ED

नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक के बड़ी कार्रवाई की है। बता दें कि ED ने शिवसेना के विधायक के घर और दफ्तर समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की है। इसके अलावा ईडी की एक टीम, विधायक सरनाईक के बेटे पुरवेश के घर भी पहुंच गई है। छापेमारी के दौरान ईडी टीम के साथ प्रताप सरनाईक के दूसरे बेटे विहांग सरनाईक मौजूद हैं। बता दें कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ी हुई है। छापेमारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को महाराष्ट्र में आय से अधिक संपत्ति मामले में टॉप्स ग्रुप्स प्रमोटर्स के 10 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। इसमें कुछ नेताओं के ठिकाने भी शामिल है। ठाणे में शिवसेना के विधायक और प्रवक्ता प्रताप सरनाईक के बेटे के परिसरों में तलाशी ले रही है।

Shivsena MLA Son

बता दें कि शिवसेना के प्रवक्ता प्रताप सरनाईक के ठाणे शहर में स्थित घर पर ED (enforcement directorate) के अधिकारियों ने छापेमारी की है। प्रताप सरनाईक के परिवार वालों के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (आर्थिक व्यवहार) की ईडी के अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। मुंबई और ठाणे समेत 10 जगहों पर रेड की बात सामने आ रही है। यह विधायक प्रताप सरनाईक और रेड टॉप सिक्योरिटी ग्रुप के बीच हुए आर्थिक लेन-देन को लेकर हुई है।

ताजा जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में सरनाईक के बेटे विहांग सरनाईक को हिरासत में भी लिया गया है। वहीं छापेमारी को लेकर शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि- “अगर किसी को लगता है कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर सरकार बना सकते हैं तो उनकी सोच गलत है। इस तरह से वो चाहे कितने भी छापे मार लें या नोटिस दें, हमारे किसी भी विधायक पर दबाव नहीं डाला जाएगा और आपको नमन किया जाएगा। यह महज राजनीति है।”

Shivsena MLA House

वहीं ED पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि, प्रवर्तन निदेशालय को भारतीय जनता पार्टी की एक शाखा के रूप में व्यवहार नहीं करना चाहिए। आज प्रताप सरनाईक और उनके बेटे मुंबई में नहीं हैं और यह छापेमारी की गई।”