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Election: राजनीतिक दलों को लगा बड़ा झटका, रोड शो और चुनावी रैली पर इस तारीख तक लगाई गई रोक

बीते दिनों कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से सभी सियासी दलों को रोड शो और चुनावी रैली करने से मना कर दिया गया था। अब इसी कड़ी में एक बार फिर से चुनाव आयोग ने अपनी सियासी रणनीतियों को धार देने में जुटे सियासी दलों को बड़ा  झटका दे दिया है।

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नई दिल्ली। उन सभी सियासी दलों की सियासी योजनाएं एक बार फिर से धराशायी हो गईं जो इस बात की योजना बनाने में मशगूल थे कि आगामी 22 जनवरी को चुनाव आयोग द्वारा चुनावी रैली और रोड शो पर पाबंदी खत्म होने के बाद नई रफ्तार से चुनावी गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा। अब आप सोच रहे होंगे कि भला वो कैसे, तो वो ऐसे कि अब चुनाव आयोग ने इस चुनावी पाबंदियों की तारीख आगामी 31 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी है। ऐसी स्थिति में यह कहने में गुरेज नहीं है कि उन सभी सियासी दलों के नुमाइंदों को करारा झटका लगा है, जो 22 जनवरी के बाद अपनी सियासी गतिविधियों को नई रफ्तार देने की योजना बना रहे थे।

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बीते दिनों कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से सभी सियासी दलों को रोड शो और चुनावी रैली करने से मना कर दिया गया था। अब इसी कड़ी में एक बार फिर से चुनाव आयोग ने अपनी सियासी रणनीतियों को धार देने में जुटे सियासी दलों को बड़ा  झटका दे दिया है। लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की महत्ता को ध्यान में रखते हुए आगामी 28 जनवरी से सियासी दलों को रोड शो और चुनावी रैली करने के लिए राहत दी है।

बता दें कि उत्तर प्रदेस समेत पांच राज्यों में आगामी 10 फरवरी से चुनावी शंखनाद होने जा रहा है। इन सभी चुनावी राज्यों के नतीजों की घोषणा आगामी 10 अप्रैल को होंगी। फिलहाल सभी दल अपनी सियासी गतिविधियों को धार देने में जुटे हुए हैं। अब ऐसे में सभी सियासी दलों की तरफ से चुनावी सूबों में अपना विजयी पताका फहराने की कोशिश जारी है। खैर, अब देखना होगा कि आगामी नतीजों की जब घोषणा होगी, तब किसके हाथ सफलता मिलेगी और किसे विफलता मिलेगी।

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