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Jaishankar On CAA: ‘सीएए विरोधियों को इतिहास नहीं पता’, विदेश मंत्री जयशंकर ने कसा तंज

Jaishankar On CAA: केंद्र की मोदी सरकार ने सीएए यानी संशोधित नागरिकता कानून लागू कर दिया है। इसके तहत 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलेगी।

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने सीएए यानी संशोधित नागरिकता कानून लागू कर दिया है। इसके तहत 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलेगी। इस सीएए का तमाम नेता और संगठन विरोध कर रहे हैं। सीएए के ऐसे ही विरोधियों पर अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तंज कसते हुए इतिहास न जानने वाला बताया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि सीएए की आलोचना करने वालों को भारतीय इतिहास की जानकारी नहीं है।

जयशंकर ने कहा कि विभाजन के वक्त जो लोग निराश हुए, सरकार की उन लोगों के प्रति एक जिम्मेदारी है। जयशंकर ने सीएए विरोधियों के बारे में कहा कि उनके सिद्धांतों की खामी या लोकतंत्र पर वो सवाल नहीं उठा रहे। ऐस लोगों को हमारे इतिहास की जानकारी नहीं है और इस समझ पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर से आ रही टिप्पणियों को देखकर लगता है कि जैसे भारत का विभाजन हुआ ही नहीं था। विदेश मंत्री ने कहा कि तमाम देश हैं, जिन्होंने नागरिकता संबंधी कानून बनाए हैं। उन्होंने जैक्सन-वनिक संशोधन की बात कही। ये सोवियत संघ के यहूदियों के बारे में बना और अमेरिका में इस कानून के तहत यहूदियों को प्रवेश मिला। वहीं, 1999 के लॉटेनबर्ग संशोधन के जरिए 3 देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिली।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यूरोप में कई देश नागरिकता को फास्ट ट्रैक अपनाकर देते हैं। ऐसे लोगों को ये यूरोपीय देश नागरिकता देते हैं, जो विश्व युद्ध के दौरान छूट गए थे। कुछ मामलों में तो विश्व युद्ध से पहले के लोगों को भी नागरिकता देने का उदाहरण देखने को मिलता है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि ऐसे नागरिकता कानूनों के तमाम उदाहरण हैं।