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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर संशय के बीच खुद उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साझा की ये जानकारी…

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान करीब 2,75,000 भारतीय जो विदेशों में फंसे थे, उन्हें फ्लाइट्स और शिप्स के जरिए वापस लाया गया है। इस महामारी के दौर में ये कोई छोटी संख्या नहीं है।

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Delhi Airport

नई दिल्ली। विश्व भर में कोरोना महामारी के कहर के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद की गई हैं। हालांकि भारत सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए सीमित संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित कर रही है। इस बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कब शुरू होंगी इसे लेकर एक बड़ी जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि भारत ने कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए 22 मार्च को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

Delhi Airport

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कब शुरू होंगी, दूसरे देशों पर निर्भर करेगा। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘अभी किसी भी देश ने अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं की है। हम कब अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करेंगे यह दूसरे देशों पर निर्भर करेगा। जब वे अपने यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को आने की अनुमति देंगे तो इन्हें शुरू कर दिया जाएगा। जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। तब तक हम विदेशों में फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए सीमित उड़ानें जारी रखेंगे।’

Civil Aviation Minister Hardeep Singh Puri

इस दौरान उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान करीब 2,75,000 भारतीय जो विदेशों में फंसे थे, उन्हें फ्लाइट्स और शिप्स के जरिए वापस लाया गया है। इस महामारी के दौर में ये कोई छोटी संख्या नहीं है।

इस मौके पर नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू किया जाना है तो इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति होनी चाहिए और ट्रैफिक भी होना चाहिए। भारत और उत्तर अमेरिका महाद्वीप के बीच अच्छा खासा ट्रैफिक है। हम केस टु केस बेसिस पर उड़ानें शुरू करने के बारे में विचार कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री पुरी ने कहा था कि पूरा विमानन पारिस्थितिकी तंत्र और राज्य सरकारें तैयार हो जाती हैं, तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बहाल करने के संबंध में भारत जुलाई में फैसला कर सकता है।

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