Kanwar Yatra 2021: गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचने वालों पर उत्तराखंड सरकार सख्त, कार्रवाई की दी चेतावनी

Kanwar Yatra 2021: डीजीपी ने कहा कि हरिद्वार जिले की सीमाओं पर पुलिस की बड़ी तैनाती की गई है। पुलिस को निर्देश है कि जो भी गंगाजल लेने के लिए आने की बात कहे, उसे समझाया जाए और न मानने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गंगाजल लेने के लिए अगर कोई टैंकर भेजता है, तो उसमें गंगाजल भरवाने में पुलिस और प्रशासन मदद करेगा।

Written by: July 24, 2021 3:36 pm
Kanwar Yatra

देहरादून। उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Govt) ने कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के लिए हरिद्वार (Haridwar) पहुंचने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए भी सख्ती से दो नियम लागू कराने की बात कही है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा पर इस साल रोक लगी है। ऐसे में किसी को भी गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से पर्यटकों के आने पर रोक नहीं है, लेकिन उन्हें आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। साथ ही स्मार्ट सिटी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी। डीजीपी ने कहा कि हरिद्वार जिले की सीमाओं पर पुलिस की बड़ी तैनाती की गई है। पुलिस को निर्देश है कि जो भी गंगाजल लेने के लिए आने की बात कहे, उसे समझाया जाए और न मानने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गंगाजल लेने के लिए अगर कोई टैंकर भेजता है, तो उसमें गंगाजल भरवाने में पुलिस और प्रशासन मदद करेगा।

इस साल कोरोना महामारी की वजह से उत्तराखंड और यूपी सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार ने कांवड़ यात्रा की जगह हरिद्वार से टैंकरों में गंगाजल लाकर जिलों के शिव मंदिरों में अभिषेक करने का सुझाव सुप्रीम कोर्ट में दिया था। जिसके बाद उत्तराखंड सरकार और यूपी सरकार ने भी इस तरीके पर हामी भरी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्य सरकारों से साफ कहा है कि किसी भी सूरत में हरिद्वार या गंगा किनारे के किसी भी जगह कांवड़ियों की भीड़ नहीं लगनी चाहिए। हालांकि, बीते दिनों जब केरल सरकार ने बकरीद के लिए बाजारों को तीन दिन पूरी तरह खोलने का आदेश दिया, तो सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक नहीं लगाई थी। कोर्ट ने ये जरूर कहा कि अगर बाजार खोलने के आदेश से कोरोना मामले बढ़े, तो आम जनता में से कोई भी उससे गुहार लगा सकता है।

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