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Kanpur Case: SIT रिपोर्ट में खुलासा, कानपुर में पत्थरबाजों और पेट्रोल बम फेंकने वालों को दिए गए इतने रुपये

Kanpur Case: दरअसल, एसआईटी की जांच के अनुसार, शरारती तत्व को हिंसा फैलाने के लिए पैसे दिए गए थे। इतना ही नहीं  उपद्रवियों को हंगामे के लिए 7 से 9 दिन की ट्रेनिंग भी दी गई थी। केस डायरी में इस बात का जिक्र किया है कि पत्थर फेंकने वालों कथित तौर पर 500 से लेकर 1000 रुपये तक दिए गए थे।

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कानुपर में 3 जून को जुमे की नमाज के बाद हिंसा हुई थी। उपद्रवियों ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद को लेकर दिए बयान का बहाना बनाकर बवाल काटा था। इस हिंसक झड़प में कई लोगों और पुलिस कर्मियों के घायल भी हुए थे। वहीं कानुपर हिंसा मामले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बवाल करने वाले पुलिस प्रशासन को सख्त आदेश दिए। जिसके बाद यूपी पुलिस ने उपद्रवियों के पोस्टर भी सारेआम चिस्पा किए थे। मामले में पुलिस ने 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी बीच कानपुर हिंसा मामले में एक बड़ी खबर जानकारी सामने आई है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की कोर्ट डायरी दाखिल की गई है। जिसमें कानपुर हिंसा में बड़ा चौंंकाने वाला खुलासा हुआ है।

दरअसल, एसआईटी की जांच के अनुसार, शरारती तत्व को हिंसा फैलाने के लिए पैसे दिए गए थे। इतना ही नहीं  उपद्रवियों को हंगामे के लिए 7 से 9 दिन की ट्रेनिंग भी दी गई थी। केस डायरी में इस बात का जिक्र किया है कि पत्थर फेंकने वालों कथित तौर पर 500 से लेकर 1000 रुपये तक दिए गए थे। डायरी में यह भी उल्लेख है कि जिन दंगाइयों ने पेट्रोल बम का प्रयोग किया था, उन्हें कथित तौर पर पांच हजार रुपये तक दिए गए थे।

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एसआईटी की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि उपद्रव के दौरान पकड़े जाने वाले दंगाइयों को निशुल्क  कानूनी सहायता भी मुहैया करवाई जाएगी। उधर, इस काम को करने क लिए बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा और हाजी वशी के द्वारा नियुक्त लोगों मे ही दंगाइयों को विश्वास दिलाया था। बता दें कि ये केस डायरी लोक अभियोजक दिनेश अग्रवाल ने दाखिल की थी।

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