
नई दिल्ली। कोलकाता नगर निगम के द्वारा जारी एक आदेश के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कोलकाता के मेयर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक नगर निगम स्कूलों में विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है जबकि इस छुट्टी को पर एडजस्ट करते हुए ईद पर एक की बजाय अब दो दिन की छुट्टी का आदेश जारी किया गया है। कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम के द्वारा 25 फरवरी की तारीख में यह आदेश जारी हुआ। वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे को उठाते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री सीएम पर निशाना साधते हुए कहा है कि ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की राजनीति एक बार फिर उजागर हो गई है।
Mamata Banerjee’s Politics of Appeasement Exposed Again!
West Bengal under Mamata Banerjee continues to prioritize vote bank politics over fairness and constitutional principles.
First, her government attempted to alter OBC reservations by arbitrarily including Muslims while… pic.twitter.com/Iovjh4ayNG
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) February 26, 2025
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर आदेश की कॉपी को शेयर करते हुए लिखा है, ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सरकार निष्पक्षता और संवैधानिक सिद्धांतों पर वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। सबसे पहले, उनकी सरकार ने ओबीसी समुदायों को आरक्षण के उचित लाभ से वंचित करते हुए मनमाने ढंग से मुसलमानों को शामिल करके ओबीसी आरक्षण में बदलाव करने का प्रयास किया। अब, उनके करीबी सहयोगी, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कोलकाता नगर निगम के स्कूलों में विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी रद्द करने का आदेश दिया है। इसके बजाय, उन्होंने ईद-उल-फितर की छुट्टी एक दिन से बढ़ाकर दो दिन कर दी है। विश्वकर्मा पूजा हिंदुओं, विशेषकर ओबीसी समुदायों के लिए गहरा महत्व रखती है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, ममता बनर्जी जानती हैं कि जिस मुस्लिम वोट बैंक पर वह कभी निर्विवाद रूप से भरोसा करती थीं, वह खिसक रहा है, यहां तक कि कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी। अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि यह कदम वापस लिया जा सकता है। पहले भी, खुलेआम तुष्टीकरण को लेकर पूछे जाने पर टीएमसी ने फिरहाद हकीम की टिप्पणियों से खुद को दूर कर लिया है। आपको बता दें कि अब कोलकाता इस आदेश को लेकर सफाई जारी की गई है। बताया गया है कि यह एक गलत ज्ञापन था और इस प्रशासनिक त्रुटि को दूर कर लिया गया है। मुख्य प्रबंधक (शिक्षा) को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।