
नई दिल्ली। मद्रास उच्च न्यायालय ने कुणाल कामरा को बड़ी राहत देते हुए 7 अप्रैल तक अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति सुंदर मोहन ने इस बात को माना कि राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा मिली धमकियों की वजह से कुणाल कामरा महाराष्ट्र की अदालत जाने में असमर्थ हैं। कुणाल कामरा ने आज ही मद्रास हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत मांगी थी। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा था कि अगर मैं मुंबई जाऊंगा तो गिरफ्तार कर लिया जाऊंगा। मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि जब तक कुणाल कामरा स्थायी कानूनी उपाय नहीं कर लेते हैं तब तक उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाए।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर आपत्तिजनक कमेंट मामले में कुणाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और मुंबई पुलिस दो बार पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन भेज चुकी है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने खार में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में तोड़फोड़ करने के आरोप में शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की थी। इसी स्टूडियो में कुणाल कामरा का शो सूट किया गया था जिसमें उन्होंने एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहा था। इस घटना के बाद से शिवसेना नेताओं द्वारा लगातार कुणाल कामरा को धमकी दी जा रही है। हालांकि कुणाल कामरा ने इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि वो धमकी से डर कर छिपने वाले लोगों में से नहीं हैं।
इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कोर्ट मुझसे माफी मांगने को कहेगी तभी मैं माफी मांगूंगा। इसके बाद कुणाल ने एक और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था जिसमें वो ‘हम होंगे कामयाब’ गीत के बोल बदलकर ‘हम होंगे कंगाल एक दिन, मन में अंधविश्वास, देश का सत्यानाश, हम होंगे कंगाल एक दिन’ गाते हुए दिख रहे थे। शिवसेना नेता राहुल नारायण कनाल ने कुणाल कामरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उनके यूट्यूब चैनल के लिए होने वाली फंडिंग की जांच की मांग की है।