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UP News : ईडी के शिकंजे में फंसा माफिया मुख्तार अंसारी का साला शरजील रजा, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

UP News : पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी से हाल ही में प्रयागराज के ईडी दफ्तर में पूछताछ की गई थी। ईडी ने अब्बास से 9 घंटों तक पूछताछ की थी, फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

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नई दिल्ली। माफिया मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों पर अब न्यायिक शिकंजा कसने लगा है। कुछ समय पहले ईडी द्वारा मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। उसको 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। अब मुख्तार अंसारी के साले शरजील रजा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। शरजील रजा को ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में 7 नवंबर को गिरफ्तार किया था। बता दें कि ईडी लगातार मुख्तार अंसारी के करीबियों पर लगातार निगाह बनाए हुए है।

don mukhtar ansari and abbas ansariयहां गौर करने वाली बात यह भी है कि अब्बास अंसारी मऊ सदर से विधायक हैं। पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी से हाल ही में प्रयागराज के ईडी दफ्तर में पूछताछ की गई थी। ईडी ने अब्बास से 9 घंटों तक पूछताछ की थी, फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान ईडी दफ्तर के बाहर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात थी। अब्बास के अलावा ईडी ने उनके ड्राइवर करंडा गाजीपुर निवासी रवि कुमार शर्मा से भी पूछताछ की थी। ईडी ने अब्बास से मुख्तार से जुड़े मनी लांड्रिंग केस से जुड़े सवालों में पूछताछ की गई थी और उनका बयान दर्ज किया गया था।

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जब अब्बास के खिलाफ जारी हुआ था लुकआउट नोटिस

आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी के बेटे और विधायक अब्बास के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग केस में ईडी ने 11 अक्टूबर को लुक आउट नोटिस जारी किया था। इसके बाद उनसे दोपहर से लेकर देर रात तक पूछताछ जारी रही। अब्बास से पूछताछ की वजह से ईडी ऑफिस में भी काफी गहमा गहमी रही। मुख्तार के तमाम समर्थक आसपास घूमते रहे।

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार होने के बाद अब्बास अंसारी

विवादों से रहा है पुराना रिश्ता

गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी इससे पहले भी कई बार अपनी करतूतों को लेकर विवादों में रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन पर भड़काऊ भाषण देने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगा था। अब्बास अंसारी के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी, जिसे रद्द करने के लिए अब्बास ने याचिका दाखिल की थी लेकिन याचिका खारिज होने के बाद अब्बास अंसारी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी थी।

 

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