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दीदी का हदय परिवर्तन: मोदी सरकार के इस फैसले की कायल हुईं ममता बनर्जी, जमकर पढ़े तारीफों के कसीदे

जिसका ममता बनर्जी ने जमकर आलोचना की थी। जिसे लेकर बीते दिनों में केंद्र और बंगाल सरकार के बीच जमकर विवाद देखने को मिला था। जिसके बाद अब इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया गया है, जिस पर अपनी प्रतिक्रिया में ममता बनर्जी ने जहां अपने हर्ष का इजहार किया

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नई दिल्ली। शायद उस लम्हें को अतीत की इबारतों में दर्ज किया जाएगा, जब ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के किसी फैसले को लेकर न महज सहमति जताई थी, बल्कि अपनी खुशी का इजहार भी किया था। जी हां… बिल्कुल…सही पढ़ा आपने…हर मसले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने पर आमादा रहने वाली ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के किस फैसले के नाम तारीफों के कसीदे पढ़े हैं, यहीं जानने को बेताब हो रहे हैं न आप, तो आपको बता दें कि अभी हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय स्मारक इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोष की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया है। गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार की तरफ से सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का निर्माण ऐसे वक्त में किया गया है, जब हाल ही में गणतंत्र दिवस के मौके केंद्र की तरफ से सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी झांकी का प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी।

Trinamool-Congress-mamta-banerjee

जिसका ममता बनर्जी ने जमकर आलोचना की थी। जिसे लेकर बीते दिनों में केंद्र और बंगाल सरकार के बीच जमकर विवाद देखने को मिला था। जिसके बाद अब इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया गया है, जिस पर अपनी प्रतिक्रिया में ममता बनर्जी ने जहां अपने हर्ष का इजहार किया, तो वहीं यह कह कर केंद्र को निशाने पर लेने से भी गुरेज नहीं किया कि सुभाष चंद्र बोस से जुड़े विवाद को विराम देने के लिए केंद्र की तरफ से ये फैसला लिया गया। खैर, छोड़िए, केंद्र और ममता बनर्जी के बीच विवाद का सिलसिला किसी न किसी मसले को लेकर जारी रहेगी ही, लेकिन आइए आगे जान लेते हैं कि आखिर सुभाष चंद्र बोस की जयंती की प्रतिमा का स्वरूप और आकार कैसा रहेगा।

Subhash Chandra Bose

सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का निर्माण करने वाले मूर्तिकार गडनायक ने कहा कि, यह मूर्ति 25 फीट ऊंची है।  गडनायक ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे इस पावन काम के  लिए मेरा चयन किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा रायसीना हिल से स्पष्ट नजर आएगी और इस प्रतिमा के लिए पत्थर तेलंगाना से लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा की डिजाइन संस्कृति मंत्रालय ने तैयार किया है। गडनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के साथ ही प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। यह प्रतिमा नेताजी के मजबूत किरदार का दर्शन कराएगी। अब ऐसे में आने वाले दिनों में जब लोग इस मूर्ति का दीदार करेंगे तो लोगों की क्या प्रतिक्रिया रहती है। यह देखना दिलचस्प रहेगा।

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