Bengal: ममता बनर्जी पर चला चुनाव आयोग का डंडा, 24 घंटे के लिए लगा बैन, नहीं कर पाएंगी प्रचार

Mamta Banerjee: भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 12 अप्रैल की रात 8 बजे से 13 अप्रैल की रात 8 बजे तक किसी भी तरह के प्रचार करने पर प्रतिबंध लगाया है।

Avatar Written by: April 12, 2021 7:46 pm

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। बता दें कि चुनाव आयोग ने ‘आदर्श आचार संहिता’ के उल्लंघन के चलते सीएम ममता बनर्जी के प्रचार करने पर रोक लगा दी है। मुस्लिम वोटों को लेकर दिए गए बयान पर भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 12 अप्रैल की रात 8 बजे से 13 अप्रैल की रात 8 बजे तक किसी भी तरह के प्रचार करने पर प्रतिबंध लगाया है। साफ है कि चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के बाद अब ममता बनर्जी 24 घंटे के लिए किसी भी प्रचार अभियान में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। बता दें कि बीते रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि शोक संतप्त परिवारों से उन्हें मिलने से रोकने के लिए केवल प्रतिबंध लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने पहले ही सीतलकुची जाने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा था कि, “सीतलकुची में जो कुछ हुआ है, वह पूरी तरह नरसंहार है और उसके बाद आयोग जो कर रहा है वह अविश्वसनीय है। पहले, उन्होंने लोगों को मार दिया है और अब वे सभी सबूतों को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। वे केवल भाजपा को संतुष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रतिबंध केवल मुझे शोक संतप्त परिवारों से मिलने से रोकने के लिए है।”

कहा था ‘मोदी कोड ऑफ कंडक्ट’

‘आदर्श आचार संहिता’(Model Code of Conduct) को ‘मोदी आचार संहिता’ (Modi Code of Conduct) के रूप में उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री ने वचन दिया कि वह अपने चुनाव खर्च का बाकी हिस्सा मृतक के परिवारों को देंगी।

Mamta Banerjee CM Bengal

चुनाव आयोग पर लगाया था आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार सुबह सिलीगुड़ी में कहा था, “मैं अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए परिवार के सदस्यों से मिलना चाहती थी और उन्होंने मुझे वहां जाने से रोकने के लिए ही यह कानून बनाया। यह अविश्वसनीय है। आयोग लोगों को मारने वाली ताकतों को कैसे क्लीन चिट दे सकता है? पहले आप लोगों को मार दो और फिर आप दूसरों को उन्हें देखने की अनुमति नहीं देते।”

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