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TV Debate: महबूबा मुफ्ती को बापू के भजन से लगी मिर्ची, तो राजनीतिक विश्लेषक ने दिया मुंहतोड़ जवाब

महबूबा मुफ्ती के ट्वीट के संदर्भ में अपनी रोषात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजनीतिक विश्लेषक सुजाता पांडेय ने कहा कि, ‘ये तो वही महबूबा मुफ्ती हैं, जो यह कहा करती थीं कि मैं तो गांधीवादी हूं, लेकिन आज उन्हें गांधी के भजन से ही दिक्कत हो रही है। उन्होंने यह नहीं देखा कि उसमें ईश्वर भी है, तो अल्लाह भी है।

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mehbooba mufti

नई दिल्ली। सुबह-सुबह (20 सितंबर) पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, जिसमें एक वीडियो भी संकलित था। इस ट्वीट के प्रकाश में आने के बाद ट्विटर की दुनिया में बवाल मच गया। लोगों का गुस्सा उनके खिलाफ अपने चरम पर पहुंच गया। मुख्तलिफ मसलों का जिक्र कर लोगों ने उनकी जमकर क्लास लगा डाली। अब आप इतना सबकुछ पढ़ने के बाद मन ही मन सोच रहे होंगे कि आखिर महबूबा ने ऐसा क्या ट्वीट कर दिया था कि लोगों का गुस्सा उनके खिलाफ अपने चरम पर पहुंच गया। आइए, तफसील से जानते हैं माजरा।

जानें पूरा माजरा

दरअसल, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि, ‘धार्मिक विद्वानों को जेल में डालना, जामा मस्जिद को बंद करना और यहां स्कूली बच्चों को हिंदू भजन गाने के लिए निर्देशित करना कश्मीर में भारत सरकार के वास्तविक हिंदुत्व एजेंडे को उजागर करता है। इन पागल आदेशों को नकारना पीएसए और यूएपीए को आमंत्रित करता है। यह वह लागत है जो हम इस तथाकथित “बदलता जम्मू-कश्मीर” के लिए चुका रहे हैं।’

तो ये था महबूबा का पूरा ट्वीट जिसको करने के बाद उन्होंने लोगों के रोष को अपनी झोली में बटोर लिया, जिसके बाद अब उनकी जमकर क्लास लग रही है। बीजेपी का कहना है कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बदले हालातों से महबूबा मुफ्ती परेशान हो चुकी हैं, इसलिए इस तरह के ट्वीट कर रही हैं, नहीं तो इस तरह ट्वीट करने का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। अब उनका यह ट्वीट लोगों के बीच में खासा चर्चा का विषय बना हुआ है।

टीवी डिबेट

बहरहाल, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक महबबूबा मुफ्ती को अपने ट्वीट की वजह से लोगों के कहर का शिकार होना पड़ा है। कोई कुछ तो कोई कुछ कहकर उन्हें निशाने पर ले रहा है। इसी बीच इस पूरे मसले को लेकर आज तक न्यूज चैनल में भी बहस हुई, जिसमें कई लोगों ने हिस्सा लिया। डिबेट में अपने-अपने तर्कों के आधार पर किसी ने पीडीपी प्रमुख का सपोर्ट किया तो किसी ने विरोध किया। इसी बीच राजनीतिक विशलेषक सुजाता पांडेय ने महबूबा मुफ्ती की जमकर क्लास लगा डाली। आइए, अब आपको बताते हैं कि आखिर उन्होंने क्या कुछ कहा है।

क्या बोली राजनीतिक विशलेषक सुजाता पांडेय

वहीं, महबूबा मुफ्ती के ट्वीट के संदर्भ में अपनी रोषात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजनीतिक विश्लेषक सुजाता पांडेय ने कहा कि, ‘ये तो वही महबूबा मुफ्ती हैं, जो यह कहां करती थीं कि मैं तो गांधीवादी हूं, लेकिन आज उन्हें गांधी के भजन से ही दिक्कत हो रही है। उन्होंने यह नहीं देखा कि उसमें ईश्वर भी है, तो अल्लाह भी है। इसमें उन्होंने यह नहीं देखा कि बच्चे राम के साथ करीम और रहीम का भी नाम ले रहे हैं। ये कुछ नहीं है, ये सिर्फ और सिर्फ महबूबा मुफ्ती द्वारा की जा रही तुष्टिकरण की राजनीति है कि आप वही देखिए और वही करिए, जो आपके राजनीतिज्ञों को फिट बैठता है।

इतना ही नहीं, कश्मीरी पंडितों की नरसंहार पर भी महबूबा का एक शब्द भी नहीं निकलता है। इतना ही नहीं, जब बात मुस्लिमों में जारी कुप्रथा ट्रिपल तलाक की बात आती है, तब भी वो बिल्कुल भी कुछ नहीं कहती है। जब राष्ट्र की बात आती है, तो पाकिस्तान के साथ चली जाती है। तो इस तरह से सुजाता ने विभिन्न मसलों का जिक्र कर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की जमकर क्लास लगा डाली है।

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