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Trump Tariff Impact On India: ‘ट्रंप का रेसिप्रोकल टैरिफ झटका नहीं, मिलाजुला असर संभव’, मोदी सरकार ने कहा- विश्लेषण कर रहे

Trump Tariff Impact On India: भारत और अमेरिका ने पहले ही टैरिफ के मसले पर बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधि तय किए हुए हैं। साथ ही भारत से व्यापार समझौता करने के लिए भी अमेरिका बातचीत कर रहा है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता इसी साल लागू हो सकता है।

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। भारत के पड़ोसी देशों चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश पर ट्रंप ने इससे ज्यादा टैरिफ लगाने का एलान किया है। इस पर भारत सरकार का कहना है कि अभी वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के असर का विश्लेषण किया जा रहा है। एक वरिष्ठ अफसर के हवाले से न्यूज चैनल आजतक ने बताया है कि ट्रंप का टैरिफ भारत के लिए झटका नहीं है। नरेंद्र मोदी सरकार को लग रहा है कि ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ का मिलाजुला असर हो सकता है।

भारत से अमेरिका जो भी सामान आयात करता है, उनपर 10 फीसदी का टैरिफ 5 अप्रैल से लगेगा। जबकि, 16 फीसदी का बाकी टैरिफ 10 अप्रैल से लगना शुरू होगा। मोदी सरकार के वरिष्ठ अफसर के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस रेसिप्रोकल टैरिफ का एलान किया, उसमें ये व्यवस्था भी है कि अगर कोई देश अपनी चिंता अमेरिका से साझा करता है, तो टैरिफ को घटाया भी जा सकता है। भारत और अमेरिका ने पहले ही टैरिफ के मसले पर बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधि तय किए हुए हैं। साथ ही भारत से व्यापार समझौता करने के लिए भी अमेरिका बातचीत कर रहा है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता इसी साल लागू हो सकता है।

ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी ही टैरिफ लगाया। जबकि, उनका कहना है कि अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर भारत औसत 56 फीसदी टैरिफ लेता है। माना जा रहा है कि भारत पर ट्रंप ने टैरिफ की दर इसलिए कम रखी है ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत का दरवाजा खुला रहे। खास बात ये भी है कि भारत में चीन के राजदूत ने बुधवार को कहा था कि उनका देश अब भारत से व्यापार बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इससे पहले खबर आई थी कि अगर ट्रंप के टैरिफ से ज्यादा नुकसान होता दिखा, तो भारत भी यूरोप, अरब देशों और कनाडा में अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाश सकता है। ऐसे में कुछ दिनों बाद ही पता चलेगा कि ट्रंप के टैरिफ का भारत के उत्पादों पर कितना असर पड़ा। क्योंकि इस टैरिफ से अमेरिका में दूसरे देशों का सामान महंगा होगा और इससे वहां की जनता की जेब पर भी ज्यादा बोझ पड़ने वाला है।