
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में रार हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भेजे अपने इस्तीफे में कासिम अंसारी ने साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि वो वक्फ संशोधन बिल पर पार्टी के रुख से वो उनको आघात पहुंचा है। कासिम अंसारी ने बिल को पसमांदा मुसलमानों का विरोधी बताया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि जेडीयू के कुछ अन्य मुस्लिम नेता भी पार्टी के रुख से नाराज हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर पार्टी के रुख को लेकर JD(U) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। pic.twitter.com/o8IhFzAWpi
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 3, 2025
कासिम अंसारी ने अपने त्यागपत्र में लिखा, हम जैसे हम जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है। वक्फ संशोधन अधिनियम 2024 पर जेडीयू के स्टैंड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित मुसलमानों एवं कार्यकर्ताओं को गहरा आघात लगा है। पार्टी नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज से लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया और वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया उससे हम काफी मर्माहत हैं। वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के खिलाफ है। किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह बिल संविधान के कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है।
अंसारी के मुताबिक इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील व रुसवा किया जा रहा है। साथ ही साथ यह बिल पसमांदा विरोधी भी है, जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है। मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी का कई वर्ष पार्टी को दिया। अतः मैं पार्टी के प्राथमिक सदस्य एवं अन्य जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे रहा हूं। बताया जा रहा है कि जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी भी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किए जाने पर पार्टी से नाराज हैं। गुलाम रसूल बलियावी के भी जेडीयू छोड़ने की अटकलें शुरू लगाई जा रही हैं।