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Kerala PSC: मां-बेटे ने लोक सेवा आयोग परीक्षा में बनाई पहचान, जानिए इनकी दिलचस्प कहानी

Kerala PSC: केरल के एक मां-बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत  लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा एक साथ पास की है। इस परीक्षा को पास करने के बाद अब सोशल मीडिया पर दोनों ही लोगों के लिए एक ऐसा उदाहरण बन गए हैं कि उम्र नहीं बल्कि लगन की बदौलत आप कभी भी–किसी भी उम्र में सफल हो सकते हैं।

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नई दिल्ली। कहते हैं अगर हौसला हो तो हर मुश्किल दूर हो जाती है और आप दूसरों के लिए मिसाल बन जाते हैं। अपने सपनों को पूरा कर एक मां-बेटे ने सफलता की एक कहानी लिखी है जिसे जानकर आपके अंदर भी जोश आ जाएगा। दरअसल, केरल के एक मां-बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत  लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा एक साथ पास की है। इस परीक्षा को पास करने के बाद अब सोशल मीडिया पर दोनों ही लोगों के लिए एक ऐसा उदाहरण बन गए हैं कि उम्र नहीं बल्कि लगन की बदौलत आप कभी भी–किसी भी उम्र में सफल हो सकते हैं। बता दें, ये मामला केरल के मलप्पुरम का है जहां एक 42 साल की महिला बिंदू और उनके 24 साल के बेटे विवेक ने लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा एक साथ पास की है। इस सफलता के बाद से ही दोनों की जोड़ी चर्चा में बनी हुई है। लोक सेवा आयोग (PSC) पास करने वाले 24 साल के विवेक का कहना है कि उनकी मां बिंदु जब वो दसवीं कक्षा में था तो तभी से वो उसे पढ़ने को लेकर प्रोत्साहित किया करती थी। इसी दौरान उनका भी किताबों को लेकर रूची बढ़ी और उन्होंने पढ़ना शुरू कर दिया। फिर दोनों ने ही केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षा की तैयारी की और साथ ही कोचिंग ज्वाइन की।

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एक एजेंसी से बात करते हुए बिंदु के बेटे विवेक ने अपनी सफलता के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि मैंने और माँ ने साथ में ही कोचिंग में इसके लिए तैयारी की। अपनी सफलता का श्रेय मां को बताते हुए कहा कि उन्होंने (मां) ही मुझे यहां तक पहुंचाया। इसके अलावा मेरे पिता ने हम दोनों के लिए सभी तरह की सुविधाओं को पूरा किया। विवेक ने कहा कि उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा था कि हम दोनों ही साथ क्वालीफाई करेंगे। इस सफलता के बाद हम दोनों बेहद खुश हैं।


आंगनबाड़ी शिक्षिका हैं 42 साल की बिंदू

बेटे के साथ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा पास करने वाली बिंदू बीते 10 सालों से आंगनवाड़ी की शिक्षिका है। मां को लेकर बताते हुए विवेक ने कहा कि मां हमेशा पढ़ाई नहीं कर पाती थीं। वो काम के बाद और आंगनबाड़ी की अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद जो समय मिलता था तब पढ़ाई कर पाती थीं। वहीं, बिंदु का कहना है कि उन्होंने ‘लास्ट ग्रेड सर्वेंट’ (एलडीएस) परीक्षा पास की है और उनकी 92वीं रैंक आई है। उनके बेटे विवेक ने अवर श्रेणी लिपिक (एलडीसी) की परीक्षा पास की है जिसमें उन्हें 38वीं रैंक पाई है।


चौथे प्रयास में मिली सफलता

अपनी सफलता को लेकर बिंदु ने कहा कि एलडीएस के लिए उन्होंने दो बार और एलडीसी के लिए एक बार कोशिश की थी। ये उनका चौथा प्रयास था जो कि सफल रहा है। उनका वास्तविक लक्ष्य आईसीडीएस पर्यवेक्षक परीक्षा थी और एलडीएस परीक्षा पास करना उनके लिए एक तरह से ‘बोनस’ है।

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