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अब 31 जुलाई तक वायुमार्ग से नहीं कर सकेंगे विदेश की यात्रा, सरकार ने जारी कर दिए निर्देश

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए भारत दूसरे देशों पर निर्भर है।

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नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगे प्रतिबंध को और आगे बढ़ा दिया गया है। इस वायरस के खतरे को देखते हुए भारत में आने वाली और भारत से जाने वाली शेड्यूल्ड इंटरनेशनल कमर्शियल फ्लाइट्स को नागर विमानन महानिदेशालय ने 31 जुलाई तक के लिए रद्द कर दिया है।

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शुक्रवार को डीजीसीए की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि डीजीसीए की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि इंटरनेशनल कार्गो और DGCA की तरफ से छूट दी गई उड़ानों पर यह नियम लागू नहीं होगा। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले  इंटरनेशनल कमर्शियल फ्लाइट्स पर 15 जुलाई तक के लिए रोक लगाई गई थी।

उधर यूरोपियन यूनियन ने 15 देशों के लिए दोबारा इंटरनेशनल फ्लाइट्स की शुरुआत कर दी है लेकिन इस सूची में भारत का नाम शामिल नहीं है। हर दो हफ्ते बाद इस लिस्ट को अपटेड किया जाएगा। यानी की दो सप्ताह बाद इस लिस्ट में से कुछ देशों के नाम हटाए भी जा सकते हैं और कुछ नामों को जोड़ा भी जा सकता है।

Civil Aviation Minister Hardeep Singh Puri

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए भारत दूसरे देशों पर निर्भर है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन फिर से शुरू करने का निर्णय तब लिया जाएगा जब विभिन्न देश विदेशी यात्रियों को अपने यहां प्रवेश पर लगे प्रतिबंधों को हटा लेंगे। गंतव्य देशों को आने वाली उड़ानों को अनुमति देने के लिए तैयार रहना होगा। भारत ने कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दो महीने के बाद 25 मई को अपनी घरेलू यात्री उड़ानों को फिर से शुरू किया है।

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