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हिंदुत्व की राह चला राष्ट्र..अब राजधानी लखनऊ का बर्लिंगटन चौराहा अशोक सिंघल के नाम से जाना जाएगा

वहीं, उपरोक्त फैसले के संदर्भ में मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि हम ऐतिहासिक चौक-चौराहों का नाम उन लोगों के नाम पर रखना चाहेंगे जिन्होंने देश को स्वाधीनता प्रदान करने की दिशा में अपना सर्वत्र न्योछावर करने से गुरेज नहीं किया।

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नई दिल्ली। मोदी सरकार के कार्यकाल में चौक-चौराहे सहित ऐतिहासिक इमारतों के मुगलकालीन नामों को बदलकर उन्हें भारतीयता के रंग से रंगा जा रहा है। लेकिन जहां कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो वहीं कुछ समर्थन। अब ऐसी स्थिति में आपका बतौर पाठक इस पूरे मसले पर क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा। लेकिन, उससे पहले आप ये जान लीजिए कि राजधानी लखनऊ के बर्लिंगटन चौराहे का नाम अब विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के नाम पर रखा गया है।

अमित शाह ने अशोक सिंघल को जयंती पर श्रद्धांजलि दी | Amit Shah pays tribute to Ashok Singhal on his birth anniversary | अमित शाह ने अशोक सिंघल को जयंती पर श्रद्धांजलि दी

वहीं, उपरोक्त फैसले के संदर्भ में मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि हम ऐतिहासिक चौक-चौराहों का नाम उन लोगों के नाम पर रखना चाहेंगे जिन्होंने देश को स्वाधीनता प्रदान करने की दिशा में अपना सर्वत्र न्योछावर करने से गुरेज नहीं किया। इसके इतर कई चौक चौराहों के नाम में बदलाव करने के संदर्भ में प्रस्ताव पारित किए गए हैं। हालांकि, अभी तक उपरोक्त फैसले के संदर्भ में सियासी गलियारों की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अशोक सिंघल को किसी ने बताया अजातशत्रु तो किसी ने कहा हुआ राष्ट्र को नुकसान - politicians paid homage to late vhp leader ashok singhal - AajTak

बता दें कि इससे पहले जब कभी-भी चौक चौराहों या ऐतिहासिक इमारतों के नाम में बदलाव किए गए हैं, तो किसी ने कभी इसका विरोध किया तो किसी ने समर्थन किया तो किसी ने यह भी कहा कि यह कदम देश को हिंदुत्ववाद के सैलाब में सराबोर करने का मात्र कदम है। खैर, बतौर पाठक आपका इस पूरे मसले पर क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा। तब तक के लिए आप देश दुनिया की तमाम बड़ी खबरों से रूबरू होने के लिए पढ़ते रहिए। न्यूज रूम पोस्ट.कॉम

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