
नई दिल्ली। कुछ समय पहले देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया। जिसका कांग्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऐसा ही कुछ अब भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद की वेबसाइट पर भी हुआ। इस साइट से भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर हटा दी गई है। उनकी जगह वीर सावरकर की तस्वीर लगा दी गई है। सोशल मीडिया पर लोग इसका सपोर्ट कर रहे हैं। वहीं, शिव सेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर कर इस पर आपत्ती जताई है। उनका कहना है कि ये भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद की असुरक्षा को दर्शाता है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी पोस्ट पर लिखा- यदि आप स्वतंत्र भारत के निर्माण में दूसरों की भूमिका को कम करते हैं तो आप कभी भी बड़े नहीं दिख सकते। आजादी का अमृत महोत्सव तभी मनाया जा सकता है जब यह सभी की भूमिका को स्वीकार करे। भारत के पहले प्रधान मंत्री को हटाकर, ICHR अपनी क्षुद्रता और असुरक्षा को दर्शाता है।
यहां महान गणितज्ञ कहना तो यह चाहती हैं कि इस तस्वीर में सावरकर को नहीं होना चाहिए लेकिन कह नहीं पा रही है। pic.twitter.com/44muP5eHmK
— दलीप पंचोली?? (@DalipPancholi) August 28, 2021
You can never look big if you diminish the role of others in the creation of an Independent India. Azaadi ka Amrit Mahotsav can only be celebrated when it acknowledges role of all. By omitting India’s first PM, ICHR reflects its own pettiness& insecurity. pic.twitter.com/XQGmPYVOjQ
— Priyanka Chaturvedi?? (@priyankac19) August 28, 2021
Ye Shiv Sena me sirf RS ke Leeye gayee thee, andar se puree Congressi hain..
— MUDDAABAAZ (@muddaabaaz) August 28, 2021
Hmm, right, like they diminished Veer Swarkar as Coward?
& Power seeking Nehru ji, despite getting zero votes went on to become president & then PM was glorified?
— Manvendra Singh (@Manva_tweets) August 28, 2021
Indian council of Hindu Research.
— Rajendra sharma (@Raj_endraSharma) August 28, 2021
Shivsena should feel proud after seeing photograph of Veer Savarkar.
— Saffron Sniper™ (@SaffronSniper07) August 28, 2021
Not shiv shainiks any more. Shiv sainiks were at the time of late bala saheb.these are congress sena.
— Bhawesh Jagnani?? (@BhaweshJagnani) August 28, 2021
नेहरू यहां नहीं हैं मगर हैरत की कोई बात नहीं क्योंकि नेहरू का कद और उनके विचार सरकार से हजम नहीं होंगे। आप नेहरू को कितना ही हेय दृष्टि से देखें किंतु उन्हें इग्नोर कभी नहीं कर पाएंगे।
— Anshu Mali Rastogi (@anshumrstgi) August 28, 2021
आप लोगों ने देश के पूरे स्वतंत्रता आंदोलन को उसमे हुए बलिदानों को केवल एक परिवार तक सीमित कर दिया. 70 सालों तक एक परिवार का महिमामंडल किया आज एक वीर सावरकर की फ़ोटो नहीं बर्दास्त हो रही!??
— Vikas Singh (@Mr_Vikassingh_) August 28, 2021