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Owaisi: दावत ए इस्लामी के कार्यक्रम में महमूद गजनवी की तारीफ कर बुरे फंसे ओवैसी, भड़के लोगों ने लगाई जमकर क्लास

ग़ौस मोहम्मद, जिसने रियाज़ अटारी के साथ कन्हैया का सिर कलम किया था, को दावत-ए-इस्लामी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने 2014 में पाकिस्तान बुलाया था। दावत के अनुयायी अटारी ने भी राजस्थान भाजपा के अल्पसंख्यक विंग में घुसपैठ करने की कोशिश की थी।

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नई दिल्ली। किसी ना किसी मसले को लेकर सुर्खियों के सैलाब में सराबोर रहने वाले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आज हैदराबाद में दावत ए इस्लामी के कार्यक्रम में भाग लिया। दावत ए इस्लामी संगठन कराची और पाकिस्तान में स्थित  है। कथित तौर पर यह संगठन दर्जी कन्हैया लाल का सिर काटने वाले आरोपी से संबंध रखता है। ग़ौस मोहम्मद, जिसने रियाज़ अटारी के साथ कन्हैया का सिर कलम किया था, को दावत-ए-इस्लामी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने 2014 में पाकिस्तान बुलाया था। दावत के अनुयायी अटारी ने भी राजस्थान भाजपा के अल्पसंख्यक विंग में घुसपैठ करने की कोशिश की थी।

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ध्यान रहे कि कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने मुख्तलिफ मसलों  पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मदरसे अल्लाह की नेमत हैं। लिहाजा इनकी हिफाजत करना हमारा फर्ज है और अगर कोई मदरसों की मुखालफत करता है, तो उसके खिलाफ हमारा सख्त रुख रहेगा।इसके आगे भी उन्होंने बहुत कुछ कहा है, जिसे लेकर सियासी गलियारों में आगामी दिनों में बहस का बाजार गुलजार हो सकता है। इस बीच उन्होंने परोक्ष रूप से कहा कि आज की तारीख में मुख्तलिफ तरीके से मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है।

महमूद गजनवी की तारीफ की

इस दौरान ओवैसी ने महमूद गजनवी की तारीफ भी की। ओवैसी ने महमूद गजनवी को मदरसों का मददगार बताया है। उन्होंने सभी मुस्लिमों से मदरसों की मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग मदरसों की मदद करते हैं, अल्लाह उनकी मदद करते हैं। वहीं, जिस महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर का ध्वंस किया था और भारत पर 17 बार हमला किया और सबसे बड़े इस्लामी आक्रांता के तौर पर पहचाना जाता है। उसकी तारीफ करके ओवैसी खुद को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला चुके हैं। ओवैसी ने मदरसों को इस्लाम का किला भी बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि मदरसों से किसी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बता दें कि कार्यक्रम का आयोजन हैदराबाद के फैजान ई मदीना मदरसा में किया गया। कराची स्थित दावत-ए-इस्लामी का उद्देश्य विश्व स्तर पर शरिया की वकालत करने के उद्देश्य से कुरान और सुन्नत की शिक्षाओं का प्रसार करना है। पाकिस्तान में इसकी बहुत बड़ी संख्या है और यह इस्लामिक गणराज्य में ईशनिंदा कानून का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मोहम्मद गजनवी की तारीफ करने से ओवैसी पर भड़के लोग

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