
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान इसको लेकर फैलाए जा रही भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि आपके वक्फ में कोई गैर-मुस्लिम शामिल नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से दो टूक शब्दों में कहा कि यह संसद का बनाया कानून है, सभी को मानना पड़ेगा। शाह बोले, एक सदस्य ने तो कह दिया कि अल्पसंख्यक समुदाय इस कानून को स्वीकार नहीं करेगा। क्या धमकाना चाहते हो भाई? यह संसद का कानून है और सभी को इसे स्वीकार करना होगा। स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या है? यह भारत सरकार का कानून है, सभी पर इसका बंधन होगा, इसे स्वीकार करना होगा।
Watch: Union Home Minister Amit Shah says, “…One member even said that the ‘minority community will not accept this law.’ What does that mean? Is this a threat? This is a law passed by Parliament, and everyone must accept it… How can anyone say, ‘We will not accept this law’?… pic.twitter.com/ntF5p1qWsU
— IANS (@ians_india) April 2, 2025
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, मैं अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी द्वारा पेश किए गए बिल के समर्थन में खड़ा हुआ हूं। मैं दोपहर 12 बजे से चल रही चर्चा को ध्यान से सुन रहा हूं। मुझे लगता है कि या तो निर्दोष भाव से या राजनीतिक कारणों से कई भ्रांतियां कई सदस्यों के मन में हैं और कई भ्रांतियां सदन के माध्यम से पूरे देश में फैलाने का काम हो रहा है। मैं अपनी समझ से कुछ पहलुओं को स्पष्ट करने का प्रयास करूंगा। शाह बोले, आपके वक्फ में कोई गैर-मुस्लिम शामिल नहीं होगा, अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ काउंसिल की क्या भूमिका है? उनका काम वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग करने वालों की पहचान करना और उन्हें हटाना है। उन्हें वक्फ संपत्तियों को औने-पौने दामों पर 100 साल तक के लिए पट्टे पर देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वक्फ फंड, जो अल्पसंख्यकों के विकास, इस्लामी धार्मिक संस्थानों को मजबूत करने और समुदाय के उत्थान के लिए है, उसका दुरुपयोग किया जा रहा है।
Delhi: Union Home Minister Amit Shah says, “No non-Muslim will be included in your Waqf; there is no such provision in the Act. But what is the role of the Waqf Board and Waqf Council? Their job is to identify and remove those misusing Waqf properties. They must take action… pic.twitter.com/KbU5gqziAa
— IANS (@ians_india) April 2, 2025
अमित शाह ने कहा, वक्फ की अवधारणा उसके उपयोग पर आधारित होनी चाहिए। कुछ लोग तर्क देते हैं कि सदियों से वहां प्रथाएं चली आ रही हैं, लेकिन अब जमीन वक्फ के रूप में पंजीकृत हो गई है, और इसे आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया गया है। लेकिन, क्या सदियों पहले की प्रथाएं, यहां तक कि मुगल काल की भी, आज घोषित की जा सकती हैं? अगर लोग नमाज अदा करते रहे हैं, अगर वहां कोई कब्रिस्तान या दरगाह है, तो लोगों ने इसे देखा होगा, और इसे पहले ही घोषित और पंजीकृत किया जा चुका होगा।
Watch: Union Home Minister Amit Shah says, “The concept of Waqf should be based on its usage. Some argue that practices have existed there for centuries, but now the land has been registered as Waqf, and it has been officially declared. However, can practices from centuries ago,… pic.twitter.com/stvAu8c1lw
— IANS (@ians_india) April 2, 2025
गृहमंत्री ने कहा, आज देश के कई प्रमुख चर्च और चर्च के समूह वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनका मानना है कि इस विधेयक का विरोध करके वे मुस्लिम भाइयों की सहानुभूति जीत कर अपना वोट बैंक पक्का करेंगे लेकिन अखिलेश जी इससे कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि चार साल में मुस्लिम समुदाय को एहसास हो जाएगा कि यह कानून वास्तव में उनके पक्ष में है।
Watch: Union Home Minister Amit Shah says, “…Today, several prominent churches and church groups are supporting the Waqf Amendment. They believe that by opposing this Bill, they can win the sympathy of Muslim brothers and secure their vote bank. But this will not benefit,… pic.twitter.com/Ga2uwpMTuE
— IANS (@ians_india) April 2, 2025