Gujarat: PM मोदी ने किया चक्रवात तौकते से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण

Cyclone Tauktae: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों प्रभावित तीन जिलों भावनगर, अमरेली, गिर-सोमनाथ और केंद्र शासित प्रदेश दीव का हवाई मार्ग से स्थिति का जायजा लेने के लिए रवाना हुए।

Written by: May 19, 2021 2:15 pm

नई दिल्ली। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुजरात और दीव में चक्रवात तौकते (Cyclone Tauktae) से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। प्रधानमंत्री मोदी को चक्रवाती तूफान तौकते से तीन बुरी तरह प्रभावित जिलों और केंद्र शासित प्रदेश दीव में भीषण तबाही के मद्देनजर स्थिति का जायजा लेने भावनगर हवाईअड्डे पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भावनगर हवाईअड्डे पर अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों प्रभावित तीन जिलों भावनगर, अमरेली, गिर-सोमनाथ और केंद्र शासित प्रदेश दीव का हवाई मार्ग से स्थिति का जायजा लेने के लिए रवाना हुए।

सीएम रूपाणी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावनगर पहुंच गए हैं। वह चक्रवात तौकते से प्रभावित अमरेली, गिर सोमनाथ और भावनगर जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।’’

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सर्वे के बाद प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गुजरात के सीएम और राज्य प्रशासन के अन्य उच्चाधिकारियों के साथ दो घंटे की बैठक करेंगे। बैठक में नुकसान के आकलन और राहत कार्य के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक के लिए एयरपोर्ट पर खास इंतजाम किए गए हैं। पीएम के दौरे को देखते हुए सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

PM Narendra Modi

इस बीच, प्रशासन को राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य करने का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों को भी जल जनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए तैयार रहने को कहा गया है। चक्रवाती तूफान तौकते मंगलवार को गिर-सोमनाथ, अमरेली, भावनगर जिलों से गुजरा। इन तीन जिलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ, उसके बाद मंगलवार को अहमदाबाद के पास से गुजरने के साथ ही तीव्रता धीरे-धीरे कम हो गई।

तूफान ने राज्य में विशेष रूप से बागवानी जैसी प्रमुख फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। आम, केले और नारियल की लगभग पूरी फसल नष्ट हो गई है।

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