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UNSC में पीएम मोदी ने की अध्यक्षता, तो पाकिस्तान को लेकर बोले लोग- ‘लोहा गरम है मार दो हथौड़ा’

UNSC : एक यूजर ने लिखा कि, सर, यह भारत के लिए गर्व का क्षण है, कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहा है।

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार(9 अगस्त) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) बैठक की अध्यक्षता की। बता दें कि भारत के लिए ये एक ऐतिहासिक मौका है। ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है कि हिंदुस्तान के किसी प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की है। इसके अलावा पहली बार UNSC में ऐसे विषय पर चर्चा हो रही है, जिसपर कभी सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने बड़े पैमाने पर बातचीत नहीं की। बता दें कि इस बैठक में पीएम मोदी ने वर्चुअली तरीके से संबोधन दिया। इस बैठक को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भारत के इस दमखम की प्रशंसा की है। लोगों ने इस तरह से भारत की छवि पूरी दुनिया में पेश करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद कहा है। एक यूजर ने लिखा कि, सर, यह भारत के लिए गर्व का क्षण है, कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहा है। साथ ही यह भी पहली बार होगा कि ‘समुद्री सुरक्षा’ इस तरह की उच्च स्तरीय खुली बहस में एक विशेष एजेंडा आइटम के रूप में समग्र रूप से चर्चा कर रही है।

Narendra Modi UNSC

इसके अलावा एक और यूजर ने लिखा कि, भारत के लिए यह काफी महत्वपूर्ण अवसर है। वहीं एक ने लिखा कि, मुझे उम्मीद है कि हमें यूएनएससी में स्थायी सीट मिल सकती है लेकिन वह सिर्फ एक राजनीतिक नारा था।

देखिए किस तरह से लोगों ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया दी…

पीएम मोदी ने दिए 5 सिद्धांत

पहला सिद्धांत: हमें legitimate maritime trade से barriers हटाने चाहिए। हम सभी की समृद्धि maritime trade के सक्रिय flow पर निर्भर है। इसमें आई अड़चनें पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती हो सकती हैं।

दूसरा सिद्धांत: maritime disputes का समाधान शांतिपूर्ण और अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर ही होना चाहिए। आपसी trust और confidence के लिए यह अति आवश्यक है। इसी माध्यम से हम वैश्विक शान्ति और स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं।

तीसरा सिद्धांत: हमें प्राकृतिक आपदाओं और non-state actors द्वारा पैदा किए गए maritime threats का मिल कर सामना करना चाहिए। इस विषय पर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए भारत ने कई कदम लिए हैं।

चौथा सिद्धांत: हमें maritime environment और maritime resources को संजो कर रखना होगा। जैसा कि हम जानते हैं, Oceans का climate पर सीधा impact होता है। इसलिए, हमें अपने maritime environment को plastics और oil spills जैसे प्रदूषण से मुक्त रखना होगा।

पांचवा सिद्धांत: हमें responsible maritime connectivity को प्रोत्साहन देना चाहिए। ऐसे infrastructure projects के development में देशों की फिस्कल sustainability और absorption capacity को ध्यान में रखना होगा।

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