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Davos Meet: चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग को मोदी ने पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ, WEF के मंच से दी नसीहत

मोदी ने इस मौके पर सभी देशों को भारत में निवेश के लिए न्योता भी दिया। उन्होंने फोरम की बैठक में हिस्सा ले रहे सभी नेताओं को भारत में बिजनेस के लिए तैयार किए गए वातावरण की जानकारी दी। मोदी ने कहा कि आज भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रहा है और साथ ही इस क्षेत्र में सरकार के दखल को कम से कम कर रहा है।

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PM Modi and Jinping

नई दिल्ली। विस्तारवादी नीतियों वाले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकतंत्र का पढ़ाया। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम WEF की बैठक में मोदी ने जिनपिंग को इस बारे में संकेतों में नसीहत दी। उन्होंने दुनिया को भारत की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ये सवाल है कि क्या बहुपक्षीय संगठन, नई विश्व व्यवस्था और चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं ? उन्होंने कहा कि जब ये संस्थाएं बनी थीं, तो हालात कुछ और थे और आज परिस्थितियां कुछ और हैं। इसलिए हर लोकतांत्रिक देश की जिम्मेदारी है कि इन संस्थाओं में सुधार किया जाए, ताकि इन्हें वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना सकें।

pm modi

मोदी ने इस मौके पर सभी देशों को भारत में निवेश के लिए न्योता भी दिया। उन्होंने फोरम की बैठक में हिस्सा ले रहे सभी नेताओं को भारत में बिजनेस के लिए तैयार किए गए वातावरण की जानकारी दी। मोदी ने कहा कि आज भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रहा है और साथ ही इस क्षेत्र में सरकार के दखल को कम से कम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने कॉर्पोरेट टैक्स को भी आसान और दुनिया के अन्य देशों के टैक्स के मुकाबले कम किया है। मोदी ने कहा कि भारतीयों में इनोवेशन की, नई टेक्नोलॉजी को समझने और उसे लागू करने की जो क्षमता है, अपना बिजनेस शुरू करने की जो लालसा रहती है, वो हमारे साथ सभी देशों को भी ऊर्जा से भर सकती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ये बेहतर मौका है कि सभी देश भारत में निवेश करें।

jinping Sad

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का मुख्यालय है। कोरोना की वजह से यहां बैठक नहीं हो रही है। वर्चुअल तरीके से हुई बैठक में मोदी के अलावा तमाम और देश के प्रमुख भी शामिल हुए। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जापान के पीएम फुमियो किशिदा, अमेरिका के वित्त मंत्री एल येलेन, इजरायली पीएम नफ्ताली बेनेट, ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस भी थे।

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