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Visit: PM मोदी आज फिर यूपी के दौरे पर, शाहजहांपुर में करेंगे गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास

मोदी आज यूपी के दौरे पर आ रहे हैं। वो यूपी के अवध प्रांत के शाहजहांपुर आकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। इससे पहले मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था।

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लखनऊ। पीएम नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर यूपी के दौरे पर आ रहे हैं। वो यूपी के अवध प्रांत के शाहजहांपुर आकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। इससे पहले मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। इस परियोजना के उद्घाटन के अलावा पीएम मोदी 28 दिसंबर तक यूपी के 3 और दौरे करेंगे। वो 21 दिसंबर को प्रयागराज जाएंगे और वहां 2 लाख महिला कर्मचारियों के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा मोदी 23 दिसंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगे और फिर 28 दिसंबर को कानपुर जाकर वहां मेट्रो परियोजना का लोकार्पण करेंगे।

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गंगा एक्सप्रेस-वे 594 किलोमीटर लंबा होगा और इसे बनाने में 36200 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत आएगी। वायुसेना के विमानों के आपातकालीन लैंडिंग और टेकऑफ के लिए इस एक्सप्रेस-वे पर भी साढ़े 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई जाएगी। एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए करीब 83 हजार किसानों से 95 फीसदी जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए कुल 7386 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। ये एक्सप्रेस-वे गंगा के किनारे बनाया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक्सप्रेस-वे के किनारे 18 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही परियोजना में अधिग्रहित भूमि पर सोलर पावर के जरिए ऊर्जा का उत्पादन भी होगा। इससे परियोजना के संचालन के लिए जरूरी ऊर्जा भी मिल जाएगी। गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने से पश्चिमी यूपी विकास की नई इबारत भी लिखेगा।

एक्सप्रेस-वे का आधे से ज्यादा हिस्सा पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल और बदायूं से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे के लिए गढ़मुक्तेश्वर में एक अलग पुल बनाया जाएगा। यूपी सरकार के सूत्रों के मुताबिक गंगा एक्सप्रेस-वे से सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न उत्पादन ईकाइयों, विकास केंद्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में भी ये एक्सप्रेस-वे मददगार साबित होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे खाद्य प्रसंस्करण ईकाइयां, भंडार गृह, मंडी और दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए भी यूपी सरकार व्यवस्था करेगी।

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